नई दिल्ली: भारत में सोने की बढ़ती मांग और खनन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए कई राज्यों में सोने के भंडारों की खोज को गति दी जा रही है। ओडिशा के विभिन्न जिलों में सोने के भंडार मिलने की पुष्टि हुई है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
 
राज्य के खनन मंत्री विभूति भूषण जेना ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि सुंदरगढ़, नबरंगपुर, अंगुल और कोरापुट जिलों में सोने के भंडार की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलकानगिरी, संबलपुर और बौध जिलों में भी संभावित भंडार की जांच की जा रही है। यदि इन क्षेत्रों में पर्याप्त भंडार मिलते हैं, तो यह ओडिशा को भारत के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में एक नई पहचान दिला सकता है।
 
मयूरभंज जिले में बड़े पैमाने पर खोजबीन जारी
 
मयूरभंज जिले के जशिपुर, सुरियागुड़ा, रुआंसी, इडेलकुचा, मारेडीही, सुलेईपाट और बादमपहाड़ इलाकों में सोने के संभावित भंडार की खोज के लिए गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इससे पहले देवगढ़ जिले के अदासा-रामपल्ली क्षेत्र में भी सोने के भंडार पाए गए थे, जब भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) तांबे की खोज के लिए G-2 स्तर की जांच कर रहा था। इसके अलावा, केओन्झार जिले के गोपुर-गाजीपुर, मांकाडचुआन, सलेइकाना और दिमिरीमुंडा क्षेत्रों में भी सोने की खोज के प्रयास जारी हैं।
 
खनन प्रक्रिया और नीलामी की योजना
 
ओडिशा सरकार ने देवगढ़ जिले में पहला सोने का खनन ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार किया है। यदि यह प्रक्रिया सफल होती है, तो यह राज्य के खनन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। इसके साथ ही, GSI और ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन केओन्झार के विभिन्न क्षेत्रों में सोने के भंडार की संभावनाओं की जांच कर रहे हैं।
 
तकनीकी समितियां इन सर्वेक्षण रिपोर्ट्स का मूल्यांकन कर रही हैं, जिसके बाद खनन और व्यावसायिक उपयोग के लिए सिफारिशें दी जाएंगी। अगर ये भंडार व्यावसायिक रूप से उपयुक्त पाए जाते हैं, तो यह ओडिशा की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।