रायपुर, 21 जून। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। अब ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना, रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करना या महिला आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश करना यात्रियों की जेब पर भारी पड़ सकता है। रेल मंत्रालय ने जनविश्वास अधिनियम 2026 के तहत संशोधित प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

नए नियमों के अनुसार बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही यात्री को संबंधित दूरी का पूरा किराया भी चुकाना होगा। रेलवे ने करीब 13 साल बाद इस दंड राशि में बढ़ोतरी की है। इससे पहले वर्ष 2013 में जुर्माना 50 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए किया गया था। रेल मंत्रालय द्वारा जारी गैजेट अधिसूचना के अनुसार ट्रेन या रेलवे स्टेशन परिसर में धूम्रपान करते पाए जाने पर अब 2 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं महिला आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश को भी गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई और बढ़े हुए आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।
महिला सुरक्षा और स्टेशन व्यवस्था को प्राथमिकता
रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कोच में नियमों के उल्लंघन पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा स्टेशन परिसरों को अतिक्रमण, अवैध वेंडिंग, भीख मांगने, नशाखोरी और अन्य अव्यवस्थाओं से मुक्त रखने के लिए भी कठोर प्रावधान लागू किए गए हैं।
 
रेल मंत्रालय का कहना है कि संशोधित नियमों का उद्देश्य यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और अनुशासित रेल वातावरण तैयार करना है। नए कानून के लागू होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले की तुलना में कहीं अधिक आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करने की अपील की है।

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