जयपुर। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले जयपुर में मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर के बाहर ऐसा नजारा देखने को मिला, मानो लक्खी मेले का दिन हो। सिंजारा उत्सव के दौरान गणेशजी को अर्पित मेहंदी लेने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। तख्ते शाही रोड, जेएलएन मार्ग और मोतीडूंगरी चौराहे तक श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई दीं। इस बार मेहंदी उत्सव की लोकप्रियता को सोशल मीडिया रील्स ने और बढ़ा दिया। वायरल वीडियो में गणेशजी को अर्पित मेहंदी लगाने से कुंवारे युवक-युवतियों के विवाह से जुड़ी मान्यता के दावे तेजी से प्रसारित हुए। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग मेहंदी लेने जयपुर पहुंचने लगे।

दिल्ली से महाराष्ट्र तक, मेहंदी के लिए जयपुर पहुंचे लोग

मेहंदी लेने के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु जयपुर पहुंचे। कुछ लोग तो उत्सव से एक दिन पहले ही शहर आ गए थे। तेज धूप और उमस के बावजूद श्रद्धालु मंदिर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई लोगों को मेहंदी के लिए छह से सात घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। भीड़ इतनी बढ़ गई कि मंदिर प्रबंधन को शाम करीब सात बजे मेहंदी खत्म होने की घोषणा करनी पड़ी।

ये खबर भी पढ़ें…
CG Congress: नए प्रभारी भगत की पहली एंट्री 27 सितंबर को, तीन दिन में टटोलेंगे संगठन की नब्ज!
CG Congress: नए प्रभारी भगत की पहली एंट्री 27 सितंबर को, तीन दिन में टटोलेंगे संगठन की नब्ज!
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत 27 सितंबर को तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगे। प्रदेश प्रभारी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सोजत से आई 3500 किलो मेहंदी

मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के अनुसार सिंजारा उत्सव के लिए इस बार राजस्थान के सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगवाई गई थी। गणेशजी को अर्पित करने के बाद इसे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि करीब दो शताब्दी पहले यह परंपरा महज सवा किलो मेहंदी से शुरू हुई थी। समय के साथ यह आयोजन इतना लोकप्रिय हो गया कि अब इसे बड़े मेहंदी उत्सव के रूप में जाना जाता है।

शाम की पूजा से पहले ही शुरू कर दिया वितरण

परंपरा के अनुसार शाम 7:30 बजे सिंजारा पूजन के बाद मेहंदी वितरण किया जाना था। लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने निर्धारित समय से पहले ही करीब शाम पांच बजे से मेहंदी का वितरण शुरू कर दिया।

रील से बढ़ी मान्यता की चर्चा

इस बार आयोजन की चर्चा सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही रील्स के कारण मोतीडूंगरी गणेशजी की मेहंदी को लेकर देशभर में उत्सुकता बढ़ी। खासकर विवाह योग्य युवक-युवतियों के बीच यह मान्यता चर्चा में रही कि गणेशजी को अर्पित मेहंदी का प्रसाद लगाने से विवाह की मनोकामना पूरी होती है। हालांकि यह आस्था और लोकमान्यता से जुड़ी धारणा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके प्रचार ने उत्सव की लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया। यही वजह रही कि इस बार सिंजारा उत्सव में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा श्रद्धालु जयपुर पहुंचे।

ये खबर भी पढ़ें…
CG में शराब खरीदने का बदला नियम! 1 अक्टूबर से Premium Wine Shop में कैश बंद, QR Code से ही होगा पेमेंट
CG में शराब खरीदने का बदला नियम! 1 अक्टूबर से Premium Wine Shop में कैश बंद, QR Code से ही होगा पेमेंट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए अब व्यवस्था बदलने वाली है। आबकारी विभाग...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मेहंदी बनी आस्था और सोशल मीडिया का संगम

मोतीडूंगरी गणेशजी का सिंजारा उत्सव इस बार धार्मिक आस्था के साथ सोशल मीडिया ट्रेंड का भी बड़ा उदाहरण बन गया। एक ओर सदियों पुरानी परंपरा निभाई गई, वहीं दूसरी ओर वायरल रील्स ने इस आयोजन को देशभर के युवाओं तक पहुंचा दिया। नतीजा यह रहा कि गणेश चतुर्थी से पहले ही जयपुर में मेहंदी लेने के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि व्यवस्था को भीड़ संभालने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़े।