रायपुर, 5 जून 2026। राजधानी रायपुर नगर निगम गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है। शासन स्तर पर लगभग 160 करोड़ रुपये की बकाया राशि अटकी होने से निगम की नियमित कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगी है। सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, कर्मचारियों के वेतन भुगतान और अन्य आवश्यक सेवाओं पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, निगम को जमीन रजिस्ट्री से मिलने वाले 1 प्रतिशत मुद्रांक शुल्क का हिस्सा वर्ष 2017-18 से नहीं मिला है। लगातार बढ़ते बकाये के कारण यह राशि अब करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा बार लाइसेंस शुल्क, चुंगी क्षतिपूर्ति और संधारण मद की राशि भी निगम को अब तक प्राप्त नहीं हुई है।
निगम के सामान्य मद में वर्तमान में केवल 40 लाख रुपये ही शेष बचे हैं, जबकि नियमित खर्चों के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही बकाया राशि जारी नहीं हुई तो जुलाई से वेतन और पेंशन भुगतान में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
हालांकि निगम के विभिन्न खातों में लगभग 55 करोड़ रुपये मौजूद हैं, लेकिन यह राशि केंद्र और राज्य सरकार की विशेष योजनाओं के लिए निर्धारित होने के कारण अन्य मदों में खर्च नहीं की जा सकती। यही वजह है कि खाते में राशि होने के बावजूद निगम वित्तीय दबाव से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
नवनियुक्त आयुक्त ने वित्तीय स्थिति को प्राथमिकता बताते हुए शासन स्तर पर बकाया राशि जारी कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वहीं विपक्ष ने भी मामले को लेकर महापौर और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
नगर निगम को उम्मीद है कि सरकार से लंबित राशि मिलने के बाद वित्तीय हालात सुधरेंगे और शहर की बुनियादी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर छात्रों का प्रदर्शन, कहीं शिक्षक की कमी तो कहीं प्रिंसिपल-वार्डन पर आरोप
स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर छात्रों का प्रदर्शन, कहीं शिक्षक की कमी तो कहीं प्रिंसिपल-वार्डन पर आरोप
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश लगातार सामने आ रहा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.