रायपुर, 07 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में सुशासन तिहार-2025 के आयोजन 08 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। सुशासन तिहार-2025 के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सभी कलेक्टरों की वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कबीरधाम जिले से कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में जुड़े रहे।

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने वीडियों कांफ्रेसिंग के बाद अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार-2025 की तैयारियों और आवश्यक व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर श्री वर्मा ने जिलेवासियों से अपील किया है कि वे इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि सुशासन तिहार-2025 सफल हो सके और सुशासन की स्थापना की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सके। 

ये खबर भी पढ़ें…
सेवा संकल्प अभियान: गुजरात से निकली बाइक रैली का उदयपुर में भव्य स्वागत, मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया आत्मीय अभिनंदन
सेवा संकल्प अभियान: गुजरात से निकली बाइक रैली का उदयपुर में भव्य स्वागत, मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया आत्मीय अभिनंदन
रायपुर, 2 अक्टूबर 2026/ सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण का संदेश लेकर गुजरात से निकली बाइक रैली के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आवेदन प्राप्ति और निराकरण

बैठक में बताया गया कि आवेदन प्राप्त करना आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की जाएगी।

आवश्यकतानुसार हाट बाजारों में भी आवेदन संग्रह किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल में व्यवस्था रहेगी। कॉमन सर्विस सेंटर का भी ऑनलाइन आवेदन लेने के लिए उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराएं जाएंगे। प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, साथ ही, आवेदनकर्ता को पावती दी जाएगी।

ये खबर भी पढ़ें…
प्रेम विवाह नहीं हो सका तो साथ मौत? एक ही फंदे पर मिले दोनों के शव
प्रेम विवाह नहीं हो सका तो साथ मौत? एक ही फंदे पर मिले दोनों के शव
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के हथमुड़ी गांव में शुक्रवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई।...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आवेदनों का निराकरण

सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला, जनपद, नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग, अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा।

समाधान शिविर का आयोजन

ये खबर भी पढ़ें…
महिलाओं की शिकायत के बाद जांच, रिपोर्ट में गंभीर आरोप; पूर्व CMO पर FIR दर्ज
महिलाओं की शिकायत के बाद जांच, रिपोर्ट में गंभीर आरोप; पूर्व CMO पर FIR दर्ज
सारंगढ़/बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) यशवंत देवांगन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिला सफाई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बैठक में बताया गया कि 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एस.एम.एस. के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाएगी साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाएगी तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाएगा। शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाएगा।

शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र, प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा, जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए।

विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप्स का होगा उपयोग 

ये खबर भी पढ़ें…
प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर या शौचालय… AI बताएगा कहां और कैसे पहुंचें
प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर या शौचालय… AI बताएगा कहां और कैसे पहुंचें
रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं का रास्ता तलाशने के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

तिहार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया, समाधान की निगरानी और जनता के साथ संवाद के लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया जाएगा।