रायपुर।

प्रत्याशी चयन के लिए कांग्रेस में जिलेवार रायशुमारी ने जोर पकड़ा है। जिला समन्वय समिति को मंथन के लिए सिर्फ दो दिनों का ही समय मिल पाया है। ऐसे में संबंधित निकायों के एक-एक वार्ड में दावेदारों के नाम पर चर्चा और सहमति बनाने में समन्वय समिति के पसीने छूट रहे हैं। इधर नगर निगमों के लिए महापौर प्रत्याशी को लेकर भी वरिष्ठ नेता अंदरूनी रायशुमारी जरूर कर रहे हैं लेकिन इस मामले में जिले से आने वाली रिपोर्ट अहम होगी। 23 को जिलों से सूची भेजे जाने की मियाद खत्म होने के बाद 24 से 26 जनवरी तक प्रदेश चुनाव समिति मंथन में जुटेगी। जिलों में समन्वय समिति की भारी मशक्कतों के बावजूद एकल नाम तय नहीं हो पा रहे हैं। निकायों में चुनिंदा वार्डों में ही किसी एक

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नाम पर सहमति बन पा रही है। वहीं ज्यादातर वार्डों में दावेदारों का सिंगल नाम तय करने में टकराव की स्थिति भी बनने लगी है। सूत्रों के मुताबिक कई जिलों में समन्वय समिति ने किसी भी तरह के विवाद से बचने 23 जनवरी की शाम तक पीसीसी को संबंधित वार्डों का पैनल बनाकर भेजने का मन बना लिया है। इधर जिलों से सिंगल नाम तय होकर नहीं आए तो प्रदेश चुनाव समिति के समक्ष दबाव बढ़ जाएगा। पैनल पर रायशुमारी में ही समय बीत जाने का अंदेशा है। यही वजह है कि संगठन ने तीन दिनों तक सुबह से देर रात तक प्रत्याशी तय करने जुटने का निर्णय लिया है। हालांकि चुनाव समिति की बैठक के लिए अभी प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के आने का हैं। इंतजार है। इसके चलते भी रणनीतिकार असमंजस में प्रदेश के सभी नगर निगमों में महापौर और नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष प्रत्याशी तय करने में ही चुनाव समिति को भारी जद्दोजहद करनी पड़ेगी।