रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) में 8 कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितता का मामला एक बार फिर चर्चा में है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर हुई विभागीय जांच पूरी हुए करीब 8 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कर्मचारियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई नहीं हो सकी है। निगम ने इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग और विधि एवं विधायी कार्य विभाग से मार्गदर्शन मांगा है।

मामला पापुनि में डाटा एंट्री ऑपरेटर और सहायक ग्रेड-3 के पदों पर हुई भर्ती से जुड़ा है। इन कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और कंप्यूटर संबंधी प्रमाण-पत्रों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान यह सवाल भी उठा कि भर्ती के समय इनमें से अधिकांश कर्मचारी निगम में संविदा पर कार्यरत थे और कुछ कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी जैसी प्रक्रिया की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच, दिसंबर 2025 में सौंपी रिपोर्ट

भर्ती में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद निगम स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई। इसके बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया भी अपनाई गई। कार्रवाई से पहले जुलाई 2025 में संबंधित कर्मचारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया था। कर्मचारियों की ओर से जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, लेकिन निगम उनसे संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद विभागीय जांच कराई गई और जांच अधिकारी ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट निगम को सौंप दी। रिपोर्ट मिलने के बाद भी अब तक अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है।

कंप्यूटर योग्यता और प्रमाण-पत्रों पर सवाल

जांच के दायरे में आए कर्मचारियों पर आरोप है कि भर्ती के समय उनके पास अपेक्षित मान्यता प्राप्त संस्था से कंप्यूटर डिग्री या डिप्लोमा की निर्धारित योग्यता नहीं थी। कुछ कर्मचारियों द्वारा शैक्षणिक दस्तावेज के तौर पर प्रस्तुत किए गए कंप्यूटर प्रमाण-पत्रों की प्रमाणिकता को लेकर भी शिकायत की गई थी। मामले में सबसे गंभीर सवाल यह भी उठाया गया कि कुछ कर्मचारी स्वयं भर्ती प्रक्रिया के आवेदक थे और इसके बावजूद उन्होंने आवेदनों की स्क्रूटनी जैसी प्रक्रिया में भूमिका निभाई।

वेतनवृद्धि रोकी, फिर भी अंतिम फैसला बाकी

विभागीय जांच पूरी होने के बावजूद कार्रवाई लंबित है। इस बीच निगम ने संबंधित सभी कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोक दी है। बताया गया है कि कर्मचारियों ने विभागीय प्रक्रिया को रोकने के लिए अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया है। इस अभ्यावेदन और आगे की कार्रवाई को लेकर निगम ने अधिवक्ता से विधिक राय भी ली है।

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अब शासन के मार्गदर्शन का इंतजार

पापुनि के जीएम डिगेश पटेल के मुताबिक, 8 कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत के बाद विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और विधिक अभिमत भी लिया गया है। प्रकरण में आगे की कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और विधि एवं विधायी कार्य विभाग से मार्गदर्शन मांगा जाना है। इसके लिए राज्य शासन को पत्र भेजा गया है। अब इस मामले में शासन से मिलने वाले मार्गदर्शन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।