रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश में शीर्ष स्तर पर संगठनात्मक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। कांग्रेस आलाकमान ने सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाकर उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है। खास बात यह है कि प्रभारी बनाए गए भगत के पास राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि वे अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल तरीके से प्रदेश संगठन के बीच अधिक समय देकर जमीनी स्थिति को समझने पर फोकस कर सकते हैं।

 

ये खबर भी पढ़ें…
CG Youth Congress Election: सैकड़ों शिकायतों से गरमाया विवाद! फर्जी वोटिंग और OTP मांगने के आरोप, चुनाव रोकने की उठी मांग
CG Youth Congress Election: सैकड़ों शिकायतों से गरमाया विवाद! फर्जी वोटिंग और OTP मांगने के आरोप, चुनाव रोकने की उठी मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दिए जाने के पीछे आदिवासी समीकरण भी अहम माना जा रहा है। वे झारखंड के लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। लोहरदगा छत्तीसगढ़ के जशपुर से सटा हुआ क्षेत्र है। ऐसे में सरगुजा से लेकर बस्तर तक आदिवासी क्षेत्रों की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझने में उनकी पृष्ठभूमि उपयोगी मानी जा रही है।

आदिवासी चेहरे पर दांव, कई सियासी संकेत

राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब कांग्रेस ने किसी आदिवासी नेता को छत्तीसगढ़ संगठन का प्रभारी बनाया है। यही वजह है कि भगत की नियुक्ति को महज संगठनात्मक बदलाव के बजाय राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। संगठन से जुड़े लोगों का मानना है कि चुनावी तैयारियों से पहले प्रभारी के स्तर पर किया गया यह बदलाव आगे होने वाले संगठनात्मक फैसलों की शुरुआत हो सकता है। आने वाले समय में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों में संतुलन बनाने पर भी जोर दिए जाने की संभावना है। प्रभारी के पास प्रदेश के लिए पर्याप्त समय होना भी कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। झारखंड से छत्तीसगढ़ की भौगोलिक निकटता और राष्ट्रीय स्तर पर किसी अन्य बड़ी जिम्मेदारी के अभाव में भगत प्रदेश संगठन को अपेक्षाकृत ज्यादा समय दे सकते हैं।

जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद चुनौती

अब तक प्रदेश प्रभारी रहे सचिन पायलट की व्यस्तताओं के चलते उन्हें छत्तीसगढ़ के लिए अपेक्षाकृत कम समय मिल पाने की चर्चा रही है। इसका असर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद पर भी पड़ा। जबकि संगठन की वास्तविक स्थिति जानने में जमीनी कार्यकर्ताओं का फीडबैक बेहद अहम माना जाता है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रभारी स्तर पर निचले कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद और प्रदेश में पर्याप्त समय देने की रणनीति का पार्टी को लाभ मिला था। अब नए प्रभारी के सामने भी इसी तरह संगठन की जमीनी नब्ज समझने की चुनौती होगी।

ये खबर भी पढ़ें…
Navratri 2026: गरबा के रंग में रंगने लगा छत्तीसगढ़, सजा ड्रेस बाजार; अहमदाबाद-सूरत से पहुंचे घाघरा-काठियावाड़ी परिधान
Navratri 2026: गरबा के रंग में रंगने लगा छत्तीसगढ़, सजा ड्रेस बाजार; अहमदाबाद-सूरत से पहुंचे घाघरा-काठियावाड़ी परिधान
रायपुर। नवरात्रि की शुरुआत में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन राजधानी रायपुर में गरबा की तैयारियों ने बाजार में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरगुजा में वापसी सबसे बड़ी परीक्षा

सुखदेव भगत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में सरगुजा में कांग्रेस की खोई जमीन वापस हासिल करना शामिल होगा। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2023 के चुनाव में पार्टी यहां अपना खाता भी नहीं खोल सकी। ऐसे में सरगुजा में संगठन को दोबारा मजबूत करना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही बस्तर समेत आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी पार्टी को अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करना होगा।

PCC अध्यक्ष को लेकर भी बढ़ी हलचल

नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के साथ ही अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगठन में आगे होने वाले बदलावों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कांग्रेस प्रदेश संगठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।कुल मिलाकर सुखदेव भगत की नियुक्ति को कांग्रेस के लिए सिर्फ प्रभारी बदलने का फैसला नहीं, बल्कि आगामी चुनावी तैयारी से पहले संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नए प्रभारी प्रदेश संगठन को कितना समय देते हैं और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के जरिए पार्टी की वास्तविक स्थिति को किस तरह समझते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
CG Breaking: हाईकोर्ट के आदेश के बाद सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित, 11 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा.. देखें आदेश की कॉपी..
CG Breaking: हाईकोर्ट के आदेश के बाद सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित, 11 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा.. देखें आदेश की कॉपी..
CG Teacher Recruitment Exam 2026: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। 11...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.