रायपुर, 27 जून 2026/  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का आदिवासी बहुल नगरी विकासखंड अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘पीली क्रांति’ (हल्दी उत्पादन) की ओर कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री के मंशानुसार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और वनांचल के किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यहां हल्दी की वैज्ञानिक खेती की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी शुरुआत की गई है।

​इस मुहिम के तहत नगरी और मगरलोड क्षेत्र के 250 किसानों ने 10 टन उच्च गुणवत्तायुक्त हल्दी बीज (राइजोम) की बुवाई कर आगामी सीजन में 250 टन बंपर उत्पादन का लक्ष्य रखा है। जिला प्रशासन की इस पहल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसानों को सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि ‘उत्पादन–प्रसंस्करण–ब्रांडिंग–विपणन’ की एक सशक्त वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) से जोड़ा जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
कंडरा आदिवासी समाज को मिला नया सामाजिक भवन, केदार कश्यप बोले- शिक्षा से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़
कंडरा आदिवासी समाज को मिला नया सामाजिक भवन, केदार कश्यप बोले- शिक्षा से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़
रायपुर, 30 जून 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर के महादेव घाट में आयोजित छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

खेत से लेकर बाजार तक का रोडमैप

​कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला पंचायत धमतरी, जनपद पंचायत नगरी और ‘प्रदान’ संस्था के संयुक्त त्रिकोणीय सहयोग से ग्रामीण स्तर पर यह ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत व्यवस्था को बेहद संगठित रूप दिया गया है। ‘गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी’ (FPC) के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराया गया है। कच्चे माल को सीधे औने-पौने दामों में बेचने के बजाय, जिला पंचायत द्वारा ग्राम कोर्रेमुडा में एक अत्याधुनिक हल्दी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है। यहां ‘हरिभूमि किसान उत्पादक संगठन’ के जरिए हल्दी का पाउडर और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। तैयार हल्दी पाउडर को आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ ‘गट्टासिल्ली FPC’ द्वारा सीधे बाजार में उतारा जाएगा, जिससे बिचौलियों का खात्मा होगा और किसानों को सीधा मुनाफा मिलेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
नकटी में उजड़े 80 घर, खुले आसमान के नीचे कटी रात; विस्थापितों का छलावे का आरोप
नकटी में उजड़े 80 घर, खुले आसमान के नीचे कटी रात; विस्थापितों का छलावे का आरोप
रायपुर, 30 जून 2026। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

‘कोर्रेमुडा’ में हुआ आधुनिक खेती का शंखनाद

​इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत झुझरकस्सा के आश्रित ग्राम कोर्रेमुडा में एक दिवसीय वृहद तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नगरी और मगरलोड विकासखंड के कृषि मित्रों और पीआरपी (PRP) ने हिस्सा लिया।

ये खबर भी पढ़ें…
18 एकड़ जमीन विवाद बना खूनी संग्राम, टंगिया-लाठी से हमला, 12 घायल
18 एकड़ जमीन विवाद बना खूनी संग्राम, टंगिया-लाठी से हमला, 12 घायल
राजनांदगांव, 30 जून। जिले के मुड़िया मोहरा थाना क्षेत्र के ग्राम बनबोर्ड में 18 एकड़ कृषि भूमि को लेकर वर्षों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विशेषज्ञों ने भूमि सुधार, रोगमुक्त राइजोम चयन, बीज उपचार और संतुलित पोषण प्रबंधन की बारिकियां सिखाईं।लगभग 270 दिनों की इस फसल के दौरान कृषि मित्र हर चरण में किसानों के खेतों में जाकर तकनीकी मार्गदर्शन देंगे, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।

ऊपरी भूमि का सदुपयोग और टिकाऊ आय का जरिया

ये खबर भी पढ़ें…
नामांतरण के बदले 70 हजार की डिमांड! तहसीलदार का रीडर ACB के जाल में फंसा
नामांतरण के बदले 70 हजार की डिमांड! तहसीलदार का रीडर ACB के जाल में फंसा
फरसगांव, 30 जून 2026। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव तहसील कार्यालय में शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​नगरी विकासखंड का एक बड़ा हिस्सा पथरीली या ऊपरी भूमि (Upland) के अंतर्गत आता है, जहां धान की खेती उतनी लाभदायक नहीं होती। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूमि हल्दी जैसी नकदी फसलों के लिए बेहद उपयुक्त है। इस नई पहल से न केवल अनुपयोगी समझी जाने वाली जमीन का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

​यह समन्वित प्रयास आने वाले वर्षों में धमतरी के नगरी क्षेत्र को राज्य के नक्शे पर हल्दी उत्पादन और मूल्य संवर्धन के एक बड़े कृषि-उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।