भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिकी राजनीति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने चुनाव जीतकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी केसी अस्कर को हराया। पिया की जीत को भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

51.9 प्रतिशत वोट हासिल कर दर्ज की जीत

39 वर्षीय पिया डांडिया को चुनाव में 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर को 48.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। ‘डिसीजन डेस्क एचक्यू’ और ‘सीबीएस न्यूज’ ने उनकी जीत की पुष्टि की। पिया की इस सफलता के साथ अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की महिलाओं की भागीदारी को एक नई मजबूती मिली है।

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शिक्षिका से अमेरिकी सांसद तक का सफर

पिया डांडिया का पेशेवर सफर शिक्षा के क्षेत्र से शुरू हुआ। वह पहले शिक्षिका के रूप में काम कर चुकी हैं और हाई स्कूल की प्रिंसिपल भी रह चुकी हैं। अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में बच्चों को पढ़ाया था। शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा तक पहुंचने में कामयाब हुई हैं।

जयपुर से जुड़ा है परिवार, 1980 में अमेरिका गया था

पिया डांडिया के परिवार का संबंध राजस्थान की राजधानी जयपुर से है। बताया जाता है कि उनका परिवार वर्ष 1980 में बेहतर चिकित्सा शिक्षा के लिए अमेरिका चला गया था। पिया का परिवार चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। हालांकि, अब परिवार की नई पीढ़ी अमेरिकी राजनीति में भी सक्रिय हो गई है।

पिया डांडिया का जयपुर से भावनात्मक जुड़ाव आज भी कायम है। समय मिलने पर वह जयपुर आती रहती हैं। बताया जाता है कि उनका परिवार आज भी जयपुर में अपना घर रखता है। उनकी जीत से भारत और अमेरिका के बीच प्रवासी भारतीयों के संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।

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भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों का मिडटर्म चुनाव में प्रदर्शन

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। इनमें पिया डांडिया के अलावा सुहास सुब्रमण्यम, अरुणा मिलर और रो खन्ना जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने जीत दर्ज की। वहीं, रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय मूल के उम्मीदवारों की सफलता अमेरिकी राजनीति में दक्षिण एशियाई समुदाय की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को दर्शाती है। पिया डांडिया की जीत खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका परिवार जयपुर से जुड़ा है और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति तक का सफर तय किया है।

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