रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बस्तर के बाद दुर्ग संभाग में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और जिला मास्टर ट्रेनरों की तीन दिवसीय प्रशिक्षण पाठशाला शुरू हो गई है। 5 से 7 सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में संगठन की कार्यप्रणाली, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, जनहित के मुद्दों को उठाने और निचले स्तर तक पार्टी को सक्रिय बनाने पर मंथन किया जा रहा है।

प्रशिक्षण की शुरुआत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले दिन टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, प्रशिक्षण प्रभारी युगल पांडे और कनेक्ट सेंटर के को-चेयरमैन अशोक चतुर्वेदी ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

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ब्लॉक अध्यक्षों पर क्यों इतना जोर?

कांग्रेस की रणनीति में ब्लॉक कमेटियां जमीनी संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जिला स्तर पर तय रणनीति को विधानसभा क्षेत्र से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने में ब्लॉक संगठन की भूमिका अहम रहती है। इसी वजह से पार्टी अब सिर्फ जिला स्तर के पदाधिकारियों तक प्रशिक्षण सीमित रखने के बजाय ब्लॉक स्तर के नेतृत्व को भी सीधे प्रशिक्षित कर रही है। शिविर में संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका प्रभावी बनाने और जनता से जुड़े मुद्दों को संगठन के माध्यम से मजबूती से उठाने पर जोर दिया जा रहा है।

संगठन की ‘चेन’ मजबूत करने की कवायद

कांग्रेस का फोकस अब संगठन की पूरी कड़ी को आपस में जोड़ने पर है। जिला कमेटी से ब्लॉक, ब्लॉक से मंडल और फिर वार्ड व बूथ स्तर तक बेहतर तालमेल बनाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी के लिए चुनौती सिर्फ पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं, बल्कि उन्हें सक्रिय रखना और स्थानीय स्तर पर संगठन को लगातार काम करने वाली मशीनरी में बदलना है। यही वजह है कि प्रशिक्षण में पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है।

बस्तर के बाद अब आगे इन संभागों की बारी

दुर्ग संभाग से पहले बस्तर में ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। दुर्ग के बाद बिलासपुर, सरगुजा और रायपुर संभाग में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। यानी संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर के नेतृत्व को प्रशिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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बूथ तक पहुंचेगी ट्रेनिंग?

अब नजर इस बात पर भी है कि क्या प्रशिक्षण का अगला चरण मंडल, वार्ड और बूथ स्तर तक पहुंचेगा। पार्टी के भीतर बूथ और वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण देने की जरूरत पर सुझाव सामने आए हैं। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है। यानी कांग्रेस की इस पूरी कवायद का संदेश साफ है—अब संगठन की ताकत सिर्फ बड़े नेताओं के मंच से नहीं, बल्कि ब्लॉक और बूथ की जमीन से तय करने की कोशिश हो रही है।