नई दिल्ली। नई कार खरीदना कई लोगों का सपना होता है। अपनी पसंद की कार घर लाने के लिए लोग अक्सर उसकी कीमत, लुक और फीचर्स पर ध्यान देते हैं, लेकिन खरीदारी के बाद होने वाले खर्चों का सही आकलन नहीं करते। पेट्रोल-डीजल, इंश्योरेंस, सर्विसिंग, पार्किंग और मरम्मत जैसे खर्च हर महीने के बजट को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में बिना सही प्लानिंग के कार खरीदना आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। अगर आप भी नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन पांच गलतियों से बचना जरूरी है।

 1. बजट से महंगी कार खरीदने से बचें

कई लोग बेहतर फीचर्स, आकर्षक डिजाइन या शौक के कारण अपनी आर्थिक क्षमता से महंगी कार खरीद लेते हैं। शुरुआत में यह फैसला अच्छा लग सकता है, लेकिन बाद में हर महीने EMI चुकाना मुश्किल हो सकता है। इससे घरेलू खर्चों और बचत पर भी असर पड़ता है। इसलिए कार खरीदने से पहले अपनी आमदनी, मौजूदा लोन और जरूरी खर्चों का हिसाब लगाएं। ऐसी कार चुनें, जिसकी EMI और रखरखाव का खर्च आसानी से उठाया जा सके।

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2. इंश्योरेंस के खर्च को नजरअंदाज न करें

कार खरीदते समय इंश्योरेंस की लागत को भी बजट में शामिल करना जरूरी है। इसका खर्च केवल कार खरीदने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पॉलिसी के नवीनीकरण के समय भी प्रीमियम देना पड़ता है। अलग-अलग बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम, कवरेज और शर्तों की तुलना करें। केवल कम प्रीमियम के चक्कर में जरूरी सुरक्षा से समझौता न करें।

3. पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च का अनुमान लगाएं

कार का माइलेज अच्छा होने के बावजूद ईंधन पर हर महीने अच्छी-खासी रकम खर्च हो सकती है। खासकर शहरों में ट्रैफिक के बीच रोजाना सफर करने वालों का खर्च बढ़ सकता है। इसलिए कार खरीदने से पहले यह आकलन करें कि आप रोजाना और महीने में कितनी दूरी तय करेंगे। इसके आधार पर ईंधन का अनुमानित बजट बनाएं। इससे कार के वास्तविक मासिक खर्च को समझने में मदद मिलेगी।

 4. नियमित सर्विसिंग में लापरवाही न करें

पैसे बचाने के लिए कार की सर्विसिंग टालना आगे चलकर महंगा पड़ सकता है। समय पर रखरखाव नहीं होने से कार की परफॉर्मेंस और माइलेज प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, छोटी खराबी भी बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए कंपनी की ओर से निर्धारित सर्विस शेड्यूल का पालन करें और नियमित मेंटेनेंस के लिए अलग से बजट रखें।

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5. छोटे-मोटे खर्चों को भी बजट में शामिल करें

कार खरीदने के बाद पार्किंग शुल्क, सफाई, जरूरी एक्सेसरीज और अचानक होने वाली मरम्मत जैसे खर्च भी सामने आते हैं। अलग-अलग देखने पर ये खर्च छोटे लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में बजट पर असर डालते हैं। इसलिए गैरजरूरी एक्सेसरीज खरीदने से बचें और आपातकालीन मरम्मत के लिए कुछ रकम अलग रखें।

खरीदारी से पहले बनाएं पूरा बजट

नई कार खरीदने से पहले केवल उसकी कीमत या EMI देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है। ईंधन, इंश्योरेंस, सर्विसिंग, पार्किंग और अन्य खर्चों का भी हिसाब लगाना चाहिए। सही वित्तीय योजना के साथ कार खरीदने से न केवल अनावश्यक खर्चों से बचा जा सकता है, बल्कि भविष्य की बचत और घरेलू बजट को भी संतुलित रखा जा सकता है।

 

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