रायपुर। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। राष्ट्रीय संगठन के हर तीन माह में प्रदेश कार्यसमिति आयोजित करने के निर्देश के बावजूद मई में हुई पिछली बैठक के बाद अगस्त में प्रस्तावित कार्यसमिति नहीं हो सकी। अब सितंबर-अक्टूबर में सेवा संकल्प अभियान और उसके बाद दशहरा-दीपावली के त्योहारों के चलते प्रदेश कार्यसमिति के आयोजन की संभावना और आगे खिसक गई है। ऐसे में अब दीपावली के बाद ही कार्यसमिति होने के आसार हैं।

 

ये खबर भी पढ़ें…
कांग्रेस की ‘जमीनी पाठशाला’ शुरू… ब्लॉक अध्यक्षों को सिखाए जाएंगे चुनावी सियासत के गुर
कांग्रेस की ‘जमीनी पाठशाला’ शुरू… ब्लॉक अध्यक्षों को सिखाए जाएंगे चुनावी सियासत के गुर
रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बस्तर के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

भाजपा का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार हैं। ऐसे में पार्टी संगठन का पूरा फोकस अभियान और त्योहारों की गतिविधियों पर रहेगा। यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति के लिए तत्काल समय निकालना मुश्किल माना जा रहा है।

पहले भी डेढ़ साल तक नहीं हुई थी कार्यसमिति

भाजपा में प्रदेश कार्यसमिति को लेकर पहले भी लंबा अंतराल देखने को मिला है। करीब डेढ़ साल तक प्रदेश कार्यसमिति की बैठक नहीं हो सकी थी। अब राष्ट्रीय संगठन ने हर तीन माह में प्रदेश कार्यसमिति आयोजित करने पर जोर दिया है। इसके बावजूद मई के बाद अगस्त में प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी।

मिशन-2028 के लिए बूथों पर पूरा फोकस

प्रदेश में भाजपा का संगठनात्मक फोकस फिलहाल मिशन-2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है। पार्टी की रणनीति में बूथ सबसे अहम इकाई है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने कमजोर बूथों की पहचान कर वहां विशेष रणनीति के तहत काम किया था। अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद प्रदेश में बूथों की संख्या बढ़कर करीब 28 हजार हो गई है। ऐसे में नए बने करीब तीन हजार बूथ भी भाजपा के संगठनात्मक एजेंडे में महत्वपूर्ण हो गए हैं। पार्टी अब हर बूथ की स्थिति का आकलन कर कमजोर बूथों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। मंडल और जिला स्तर पर यह देखा जा रहा है कि किन क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति कमजोर है और वहां संगठन को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
CG की पॉलिटिकल खबर: भगत की एंट्री से कांग्रेस में हलचल तेज, संगठन से सियासी समीकरण तक बड़े बदलाव के संकेत
CG की पॉलिटिकल खबर: भगत की एंट्री से कांग्रेस में हलचल तेज, संगठन से सियासी समीकरण तक बड़े बदलाव के संकेत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

हर माह चार स्तर पर होंगी बैठकें

राष्ट्रीय संगठन के निर्देश के बाद भाजपा में हर माह बैठकों का क्रम तय किया गया है। इसके तहत महीने के पहले सप्ताह में मंडल, दूसरे सप्ताह में जिला, तीसरे सप्ताह में शक्ति केंद्र और चौथे सप्ताह में बूथ स्तर की बैठकें आयोजित की जाएंगी। जून, जुलाई और अगस्त में इन बैठकों का दौर चला है। अब सितंबर में भी संगठनात्मक बैठकों के जरिए बूथ स्तर तक की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इन बैठकों में कमजोर बूथों की पहचान के साथ उन्हें मजबूत करने की कार्ययोजना पर मंथन होगा।

राष्ट्रीय कार्यसमिति हुई तो बन सकती है संभावना

प्रदेश संगठन के नेताओं के मुताबिक फिलहाल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की कोई संभावना नहीं है। सितंबर से अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलना है और इसके बाद त्योहारों का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में दीपावली से पहले कार्यसमिति आयोजित करना मुश्किल है। हालांकि, यदि इस बीच भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होती है तो उसके बाद प्रदेश कार्यसमिति आयोजित करने की संभावना बन सकती है। अन्यथा अब प्रदेश कार्यसमिति की बैठक दीपावली के बाद ही होने के आसार हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
अफसरों की ‘रील पॉलिटिक्स’ पर लगेगी लगाम? सोशल मीडिया को लेकर नई आचार संहिता की तैयारी
अफसरों की ‘रील पॉलिटिक्स’ पर लगेगी लगाम? सोशल मीडिया को लेकर नई आचार संहिता की तैयारी
नई दिल्ली। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार अब स्पष्ट नियम बनाने की तैयारी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.