1. बिलासपुर। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बिल्हा के एक नए आदेश को लेकर क्षेत्र के संकुल शैक्षिक समन्वयकों (सीएसी) और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों में असंतोष देखने को मिल रहा है। समग्र शिक्षा की राशि का राज्य शासन से अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) द्वारा ऑडिट पूरा होने और संबंधित रसीद जारी होने के बावजूद अब महालेखाकार (एजी) रायपुर के ऑडिट के लिए दोबारा दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर समन्वयकों ने दोहरे ऑडिट की प्रक्रिया और उसके औचित्य पर सवाल उठाए हैं।

बीईओ बिल्हा कार्यालय द्वारा महालेखाकार (लेखापरीक्षा), छत्तीसगढ़, रायपुर के पत्र का हवाला देते हुए आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार 27 अगस्त से आय-व्यय से संबंधित ऑडिट कार्य चल रहा है। इसके तहत 3 सितंबर को सभी संकुल शैक्षिक समन्वयकों, केजीबीवी बरतोरी और 100 सीटर छात्रावास बरतोरी की अधीक्षिकाओं को आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

कैशबुक से लेकर पासबुक तक दस्तावेज लाने के निर्देश

ऑडिट के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कैशबुक, व्यय वाउचर, लेजर, पासबुक और पीपीए सहित अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लाने को कहा गया है। इसके लिए समय-सारणी भी निर्धारित की गई है।

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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 10 बजे दक्षिण बिल्हा क्षेत्र, प्रातः 11 बजे उत्तर बिल्हा क्षेत्र तथा दोपहर 12 बजे शहरी क्षेत्र के सीएसी के साथ केजीबीवी बरतोरी एवं 100 सीटर छात्रावास बरतोरी की अधीक्षिकाओं को उपस्थित होना होगा।

जुलाई में हो चुका था सीए ऑडिट

समन्वयकों का कहना है कि जुलाई माह में ही राज्य शासन द्वारा अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से शाला प्रबंधन समिति और समग्र शिक्षा अनुदान राशि का ऑडिट कराया जा चुका है। जांच पूरी होने के बाद विधिवत रसीद भी जारी की गई है। ऐसे में अब पुनः ऑडिट के लिए बुलाए जाने से उनमें भ्रम और असंतोष की स्थिति है।

उनका तर्क है कि महालेखाकार का ऑडिट सामान्यतः आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा डीईओ और बीईओ कार्यालयों के बजट एवं आय-व्यय से जुड़े अभिलेखों की जांच के लिए होता है। ऐसे में सीएसी और छात्रावासों को अलग से दस्तावेजों के साथ बुलाए जाने के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं।

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बीईओ बोले- यह एजी का ऑडिट है

इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र कौशिक ने कहा कि जुलाई माह में चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया गया था, जबकि 3 सितंबर को महालेखाकार की ऑडिट प्रक्रिया निर्धारित है। इसी कारण सीएसी और छात्रावास से जुड़े अभिलेखों के साथ संबंधित लोगों को बुलाया गया है।

उन्होंने कहा कि दोनों ऑडिट अलग-अलग प्रक्रिया के तहत हो रहे हैं और यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है।

भूपेन्द्र कौशिक, बीईओ बिल्हा ने कहा—

“जुलाई माह में सीए द्वारा ऑडिट कराया गया था। वहीं 3 सितंबर को महालेखाकार का ऑडिट होना है, जिसके लिए सीएसी और छात्रावास से जुड़े लोगों को बुलाया गया है। यह प्रक्रिया नियमों के तहत हो रही है।”

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फिलहाल दो अलग-अलग स्तरों पर हो रही ऑडिट प्रक्रिया को लेकर सीएसी में असंतोष बना हुआ है। अब सबकी नजर 3 सितंबर को होने वाली ऑडिट प्रक्रिया और उसमें मांगे जाने वाले दस्तावेजों पर टिकी है।