रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच मंगलवार को और व्यापक हो गई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी और बलरामपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में एक साथ कार्रवाई करते हुए विभिन्न परिसरों की तलाशी ली।

कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निज सचिव के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान में बलरामपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ चेतन बोरघरिया से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई। इस कार्रवाई के बाद वर्ष 2021-22 की सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा और बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
सुशासन एवं स्वप्रगटीकरण की दिशा में अभिनव पहल का एक वर्ष पूर्ण, जानकारी सबकी, निगरानी सबकी
सुशासन एवं स्वप्रगटीकरण की दिशा में अभिनव पहल का एक वर्ष पूर्ण, जानकारी सबकी, निगरानी सबकी
रायपुर, 07 सितंबर 2026/ सुशासन, पारदर्शिता एवं स्वप्रगतिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच

ईडी अधिकारियों के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में रायपुर, दुर्ग और भिलाई सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों का ब्यौरा, वित्तीय लेनदेन, लॉकरों की जानकारी तथा मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई।

एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े संभावित आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कथित गड़बड़ियों के जरिए किसी को आर्थिक लाभ पहुंचा या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो धन का लेनदेन किन माध्यमों से किया गया।

भर्ती प्रक्रिया के आर्थिक पहलुओं पर जांच का फोकस

सीजीपीएससी भर्ती अनियमितता मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियां पहले से कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोपों की जांच कर रही हैं। आरोप हैं कि भर्ती प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों के करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों और मेरिट की अनदेखी की गई।

ये खबर भी पढ़ें…
हुनर को मिला बिहान का साथ, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं रानू कैवर्त
हुनर को मिला बिहान का साथ, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं रानू कैवर्त
रायपुर, 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ईडी अब मामले के कथित धन शोधन और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से किसी प्रकार का आर्थिक लाभ अर्जित किया गया या नहीं। मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान जब्त अथवा जांचे गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को इस दिशा में अहम माना जा रहा है।

पूर्व पटवारी संघ अध्यक्ष की संपत्तियां भी जांच के घेरे में

सीजीपीएससी भर्ती अनियमितताओं और धन शोधन मामले की जांच के बीच ईडी ने छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के पूर्व प्रांत अध्यक्ष कमलेश राजपूत के दुर्ग स्थित ठिकाने पर भी कार्रवाई की। सिकोला भाठा बंगाली कॉलोनी स्थित आवास पर टीम ने दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान बड़ी मात्रा में संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज एजेंसी के संज्ञान में आए हैं। करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कथित बेनामी संपत्तियों की जानकारी की भी जांच की जा रही है। बेमेतरा-दुर्ग मार्ग और देवकर क्षेत्र के आसपास स्थित फार्म हाउस, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियां भी जांच के दायरे में बताई जा रही हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा की
खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा की
रायपुर, 7 सितंबर 2026/खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

परिवार के कुछ सदस्यों की सरकारी सेवाओं में चयन और नियुक्तियों से जुड़े पहलुओं के साथ ही अन्य लोगों और फर्मों के साथ कथित वित्तीय लेनदेन एवं व्यावसायिक साझेदारी की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, देर रात तक ईडी की ओर से तलाशी में मिली सामग्री या संपत्तियों के मूल्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई थी।

धमतरी में घर की तलाशी, बलरामपुर में पूछताछ

ईडी की कार्रवाई तत्कालीन मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे और वर्तमान में बलरामपुर जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ चेतन बोरघरिया तक भी पहुंची। टीम ने मंगलवार को धमतरी के अमलतासपुरम कॉलोनी स्थित उनके आवास पर दबिश देकर कई घंटे तक दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की।

बताया गया कि कार्रवाई के समय चेतन बोरघरिया अपने धमतरी स्थित आवास पर मौजूद नहीं थे। वर्ष 2021-22 के दौरान वे तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी के रूप में कार्य कर चुके हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
रील का नेटवर्क गया तो गुस्से में महिला ने पीया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत
रील का नेटवर्क गया तो गुस्से में महिला ने पीया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत
कोरबा। मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत किस तरह खतरनाक साबित हो सकती है, इसका मामला कोरबा जिले...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

धमतरी में तलाशी के बाद ईडी की एक टीम बलरामपुर पहुंची, जहां चेतन बोरघरिया को पूछताछ के लिए तलब किया गया। उनसे उच्च विश्रामगृह में अलग से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच जारी, आधिकारिक जानकारी का इंतजार

ईडी की मंगलवार की कार्रवाई से सीजीपीएससी भर्ती अनियमितता मामले की जांच में नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है। एजेंसी की ओर से तलाशी और पूछताछ के निष्कर्षों को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।