रायपुर। छत्तीसगढ़ में फर्जी या गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों के साथ अध्यक्ष राजस्व मंडल, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ऐसे मामलों में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शासकीय सेवकों के अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के जाति प्रमाण-पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा फर्जी या गलत पाए गए हैं और निरस्त किए जा चुके हैं, उनके मामलों में कार्रवाई की अद्यतन जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

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कोर्ट से स्टे नहीं तो सेवा समाप्ति में देरी नहीं

सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी का जाति प्रमाण-पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा फर्जी पाए जाने के कारण निरस्त किया जा चुका है और संबंधित प्रकरण में न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) नहीं है, तो उसकी सेवा अविलंब समाप्त की जानी है।

विभाग ने सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने से पहले संबंधित मामले में हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आदेश के खिलाफ एकतरफा अंतरिम राहत मिलने की स्थिति को रोका जा सके।

2019 से जारी हो रहे हैं निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से ऐसे मामलों में कार्रवाई को लेकर अक्टूबर 2019 से समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। यह कार्रवाई 9 अगस्त 2019 के विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन से भी जुड़ी है।

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निर्देशों में ऐसे शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने की बात कही गई है, जिनके जाति प्रमाण-पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच में फर्जी या गलत पाए गए हैं।

स्टे वाले मामलों की भी होगी समीक्षा

जिन मामलों में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को न्यायालय से स्थगन प्राप्त है, उनमें भी कार्रवाई रुकेगी नहीं। ऐसे मामलों की विधि विभाग द्वारा समीक्षा कराई जाएगी और स्थगन आदेश समाप्त कराने के लिए तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी विभागों से मांगी गई एकजाई जानकारी

GAD ने विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों और जिलों से ऐसे सभी मामलों की अद्यतन एवं एकजाई जानकारी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें यह भी बताना होगा कि उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जाति प्रमाण-पत्र निरस्त किए जाने के बाद संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

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सरकार का स्पष्ट संदेश

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में अब देरी नहीं—स्टे नहीं होने पर सेवा समाप्ति और उससे पहले हाईकोर्ट में कैविएट की तैयारी।