रायपुर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्णय और दिए गए निर्णय के संदर्भ में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश के शिक्षकों के हित में जुलाई में विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का आग्रह किया है। साथ ही परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 फीसदी रखने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव तथा संचालक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को पत्र लिखकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इन-सर्विस टीचर्स के लिए टीईटी क्वालिफिकेशन हासिल करने की दी गई टाइमलाइन को 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया है अर्थात क्वालिफिकेशन 31 अगस्त 2027 के बजाय 31 अगस्त 2028 तक हासिल करनी होगी। टीईटी एग्जाम संबंधित अथॉरिटीज को जल्दी कराना होगा और इसके लिए जरूरी समय और रिसोर्स भी कम हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय सीमित टेट पात्रता परीक्षा के आयोजन से न्यायालय व शासन की जटिलताएं पूरी तरह दूर हो जाएंगी। एसोसिएशन ने शासन को सुझाव दिया है कि शिक्षकों की सुविधा के लिए इस परीक्षा की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग डीपीआई को सौंपें। जिला शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में प्रत्येक विकासखंड की 5-7 बड़ी शालाओं या संकुल शालाओं को परीक्षा केंद्र बनाया जाए ताकि शिक्षक अपनी निकटस्थ शाला में आसानी से परीक्षा दे सकें।

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