नई दिल्ली। आठवें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों ने न्यूनतम वेतन तय करने के लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी है। संगठनों का प्रस्ताव है कि न्यूनतम वेतन की गणना तीन की बजाय पांच फैमिली यूनिट के आधार पर की जाए। इसमें कर्मचारी, पत्नी और बच्चों के साथ आश्रित बुजुर्ग माता-पिता को भी शामिल करने की मांग है।

मौजूदा व्यवस्था में न्यूनतम वेतन की गणना के लिए डॉ. एक्रॉयड फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कर्मचारी को एक यूनिट, पत्नी को एक यूनिट और दो बच्चों को आधी-आधी यूनिट मानकर कुल तीन यूनिट का परिवार माना जाता है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि भारतीय परिवारों में बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी भी अक्सर कर्मचारियों पर होती है, इसलिए उनके खर्च को भी न्यूनतम वेतन की गणना में शामिल किया जाना चाहिए।

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69 हजार रुपये तक पहुंच सकती है न्यूनतम बेसिक पे

भारत पेंशनर्स समाज (BPS) और नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम (NCJCM) की ओर से पांच फैमिली यूनिट के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें दो बच्चों और दो आश्रित माता-पिता को भी गणना में शामिल किया गया है। संगठनों के कैलकुलेशन के अनुसार इससे कुल फैमिली यूनिट करीब 5.2 बनती है, जिसे राउंड ऑफ कर पांच यूनिट माना गया है।

प्रस्तावित गणना में पांच सदस्यीय परिवार के भोजन और राशन पर करीब 24,443 रुपये मासिक खर्च माना गया है। इसके अलावा मकान किराया, बिजली-ईंधन, कौशल विकास, त्योहार और तकनीक समेत अन्य आवश्यक खर्चों को जोड़ने के बाद न्यूनतम बेसिक पे करीब 68,947 रुपये, यानी राउंड ऑफ 69,000 रुपये बताई गई है।

3.83 फिटमेंट फैक्टर का भी प्रस्ताव

संगठनों के मुताबिक यदि 69,000 रुपये को न्यूनतम बेसिक पे माना जाता है तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी के मुकाबले फिटमेंट फैक्टर करीब 3.83 बैठता है। हालांकि, यह कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों की मांग व गणना है। आठवें वेतन आयोग द्वारा अंतिम सिफारिश किए जाने के बाद ही नए वेतनमान की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।

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पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी पड़ेगा असर

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बेसिक पे का महत्व केवल मासिक वेतन तक सीमित नहीं है। पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी कई सेवांत देयताओं की गणना में बेसिक पे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए बेसिक सैलरी बढ़ने से भविष्य में कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स को भी लाभ मिल सकता है।

अब निगाहें आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर हैं। पांच फैमिली यूनिट का प्रस्ताव स्वीकार होता है या नहीं और न्यूनतम बेसिक पे कितनी तय होती है, इसका फैसला आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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