रायपुर। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके चलते प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। बीते 24 घंटे में सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

सरगुजा संभाग के पोंडी बचरा में सबसे अधिक 14 सेमी (140 मिमी) बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण बलरामपुर जिले में स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी। वहीं, अंबिकापुर के कई रिहायशी इलाकों में ड्रेनेज चोक होने से बारिश और गंदा पानी घरों व दुकानों में घुस गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ये खबर भी पढ़ें…
दिन की ED रिमांड खत्म, सतपाल छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
दिन की ED रिमांड खत्म, सतपाल छाबड़ा और उत्कर्ष चंद्राकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
रायपुर। DMF और CGPSC घोटाले से जुड़े मामलों में गिरफ्तार दो आरोपियों की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बिलासपुर में दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा। लगातार बारिश और बादल छाए रहने के कारण मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को सितंबर की शुरुआत में ही ठिठुरन महसूस होने लगी।

दुर्ग-भिलाई में एक सप्ताह में 70.4 मिमी बारिश

दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक कुल 70.4 मिमी (2.77 इंच) बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक 29.4 मिमी बारिश 30 अगस्त को हुई। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

बस्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग में 2 से 6 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने और कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
थमा मानसून, निकली धूप; अगले 48 घंटे में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार
थमा मानसून, निकली धूप; अगले 48 घंटे में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार
बिलासपुर। लंबे समय तक सक्रिय रहे मानसून के बाद अब बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। न्यायधानी बिलासपुर और...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 24 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।