गौरीकुंड, 22 अप्रैल 2026। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली मंगलवार सुबह गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। कल 23 अप्रैल, अक्षय तृतीया के पावन मौके पर सुबह 6:20 बजे विधि-विधान से केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। 6 महीने बाद भक्तों को बाबा के दर्शन होंगे।

17 किमी की पैदल यात्रा: शीतकाल में बाबा केदार अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजते हैं। 20 अप्रैल को डोली ऊखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा होते हुए 21 अप्रैल को गौरीकुंड पहुंची थी। आज 22 अप्रैल को गौरीकुंड से 17 किमी की कठिन पैदल चढ़ाई कर शाम तक डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी।

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क्या है परंपरा: अक्षय तृतीया पर केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते हैं। गंगोत्री के कपाट 24 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के 27 अप्रैल को खुलेंगे। चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। सर्दियों में बर्फबारी के कारण 6 महीने मंदिर बंद रहते हैं।

भक्तों में उत्साह: डोली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु, साधु-संत शामिल हैं। ‘बम-बम भोले’, ‘जय केदार’ के उद्घोष से पूरी केदार घाटी गूंज रही है। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग फूल बरसा कर डोली का स्वागत कर रहे हैं।

प्रशासन तैयार: रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने यात्रा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। पैदल मार्ग पर मेडिकल, SDRF, पुलिस तैनात है। केदारनाथ में बिजली, पानी, सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। हेली सेवा भी 23 अप्रैल से शुरू होगी। पंजीकरण कराने वाले यात्री ही दर्शन कर सकेंगे।

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पहले दिन का कार्यक्रम: 23 अप्रैल सुबह 4 बजे से विशेष पूजा शुरू होगी। 6:20 बजे मेष लग्न में मंदिर के कपाट खुलेंगे। मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग गर्भगृह में पहली पूजा करेंगे। इसके बाद आम भक्तों के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे।