नई दिल्ली। एजेंसी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं हो पाने वाले मतदाताओं को चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा गणना फॉर्म भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का अवसर देने का फैसला किया है। इसके लिए बूथवार सूची तैयार की जाएगी और मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। आयोग ने पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नई व्यवस्था तय की है।

चुनाव आयोग ने 6 नवंबर 2026 को दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आयोग के मुताबिक, जिन मतदाताओं को गणना फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन अनुपस्थित रहने, दूसरी जगह शिफ्ट होने, मृत या डुप्लीकेट दर्ज किए जाने जैसी वजहों से उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा।

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ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार कर संबंधित मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास अधिकारियों के कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा ये सूचियां चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पीडीएफ के रूप में भी उपलब्ध होंगी। सूची में नाम शामिल नहीं होने की संभावित वजह का भी उल्लेख किया जाएगा।

दोबारा गणना फॉर्म भर सकेंगे मतदाता

जिन मतदाताओं के नाम एसडीडी श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें गणना फॉर्म दोबारा जमा करने का अवसर मिलेगा। वहीं, जिनके फॉर्म अधूरे रह गए हैं, उनके लिए भी नई व्यवस्था की गई है। संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के डैशबोर्ड पर ऐसे फॉर्म दोबारा तैयार किए जाएंगे।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाएंगे। इस काम में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी मदद ली जाएगी। जहां मतदाताओं की संपर्क जानकारी उपलब्ध होगी, वहां व्हाट्सऐप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भी फॉर्म भेजे जा सकेंगे। मतदाता अपने पुराने ईपीआईसी नंबर के जरिए आयोग की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर उसे भर सकते हैं।

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पुराने पते पर रह रहे मतदाताओं के लिए अलग प्रक्रिया

यदि किसी मतदाता का पता नहीं बदला है और वह पहले की तरह उसी पते पर रह रहा है, तो उसे भरा हुआ और हस्ताक्षरित गणना फॉर्म जमा करना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि पहले फॉर्म जमा क्यों नहीं हो पाया था।

इसके लिए आयोग ने अनुलग्नक-बी का प्रारूप जारी किया है। मतदाता यह फॉर्म संबंधित ईआरओ, सहायक ईआरओ या बीएलओ को स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से सौंप सकते हैं। इसके अलावा ईसीआईएनईटी पोर्टल पर ई-साइन के जरिए ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

राज्य के भीतर पता बदलने वालों को भी राहत

राज्य के भीतर दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले मतदाताओं के लिए आयोग ने अलग प्रक्रिया निर्धारित की है। ऐसे मतदाताओं को अनुलग्नक-सी में अपना नया पता और विधानसभा क्षेत्र दर्ज करना होगा। फॉर्म और घोषणा पत्र पर मतदाता या परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। नए पते के प्रमाण के लिए आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

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आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं को फॉर्म-8 भरने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, बेघर मतदाताओं के मामलों में बीएलओ की फील्ड जांच रिपोर्ट को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

जमा फॉर्म और दस्तावेजों का होगा सत्यापन

चुनाव आयोग ने अधिकारियों को प्राप्त सभी फॉर्म और उनके साथ जमा किए गए घोषणापत्रों की नियमानुसार जांच करने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी मतदाता की पात्रता, सामान्य निवास और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।

जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के फॉर्म अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए अलग रखे जाएंगे। इस प्रक्रिया में मतदाता का पुराना ईपीआईसी नंबर ही बरकरार रहेगा।

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आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। उनके आवेदनों पर 3 नवंबर 2026 को जारी आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का तत्काल पालन कराने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के अवसर से वंचित न रहे।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल में विजिलेंस जांच शुरू

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस अपने अभियान को तेज करने की तैयारी में है। इसी बीच केरल में उनके राज्य सरकार में अधिकारी रहने के दौरान कथित रिश्वत मामले को लेकर विजिलेंस जांच शुरू होने की खबर सामने आई है।

इन घटनाक्रमों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक टकराव को नया आयाम दे दिया है। ज्ञानेश कुमार पहले से ही इंडिया ब्लॉक की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान के निशाने पर हैं। कांग्रेस नेतृत्व उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अपनी रणनीति को और धार देने की तैयारी कर रहा है।