नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

ये खबर भी पढ़ें…
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े सीजेपी समर्थक, दिल्ली पुलिस के जवानों की छुट्टियां रद्द
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े सीजेपी समर्थक, दिल्ली पुलिस के जवानों की छुट्टियां रद्द
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, ‘हमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर

नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।

 

ये खबर भी पढ़ें…
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
रायपुर. 24 जुलाई 2026/ लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश के विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर

नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

ये खबर भी पढ़ें…
द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी
द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी
रायपुर, 24 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र

ये खबर भी पढ़ें…
बारिश का डबल अटैक: हिमाचल में लैंडस्लाइड से 13 मौतें, गुजरात-यूपी में बाढ़ का संकट गहराया
बारिश का डबल अटैक: हिमाचल में लैंडस्लाइड से 13 मौतें, गुजरात-यूपी में बाढ़ का संकट गहराया
नई दिल्ली। देशभर में मानसून का कहर लगातार जारी है। हिमाचल प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

शाकाहारी सफारी

 

30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।

भालू सफारी

20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।

बाघ सफारी

 

20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।

सिंह सफारी

20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।

जू जोन

50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण

 

नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।

देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक

 

वनमंडलाधिकारी श्री थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

 

*जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र*

 

नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।

 

रायपुर से आसान पहुंच

 

नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है l