बिलासपुर| तेल कंपनियों ने रसोई गैस वितरण में डिजिटल ऑर्थिटेकेशन कोड (डीजीसी) को 100 फीसदी अनिवार्य करने का आदेश दिया है, जिससे बिना कोड के सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। इस फैसले से गैस एजेंसी संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है, क्योंकि अधिकांश वीआईपी और अधिकारियों के पास गैस कनेक्शन नहीं है और उन्हें बिना डीजीसी के वीआईपी कल्चर के प्रभाव में चलते गैस लेना पड़ता है।

 
यदि डीजीएमसी हो जाएगा तो गैस वितरण में भारी परेशानी होगी। रसोई गैस वितरण को लेकर नई समस्या पैदा होने वाली है। तेल कंपनियों द्वारा डिजिटल ऑर्थिटेकेशन कोड यानी डीजीसी को पूरी तरह अनिवार्य किए जाने का मौखिक आदेश जारी हुआ है। इसके बाद गैस एजेंसी संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब किसी भी उपभोक्ता को बिना डीजीसी के सिलेंडर देना संभव नहीं होगा, जिससे जमीनी स्तर पर कई तरह की दिक्कतें सामने आने की बातें कही जा रही हैं।
 
डीजीसी व्यवस्था लागू होने के बाद राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर भी असर पड़ेगा। बिना डिजिटल ऑर्थिटेकेशन कोड के गैस सिलेंडर नहीं मिलने से आयोजकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले ऐसे कार्यक्रमों में थे, लेकिन नई व्यवस्था में इस प्रक्रिया को सख्त बना दिया है। अचानक होने वाले कार्यक्रमों में गैस की व्यवस्था करना चुनौती बन जाएगी।

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