नई दिल्ली। कजरी तीज हिंदू धर्म के प्रमुख व्रत-त्योहारों में से एक है। खासतौर पर सुहागिन महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए व्रत रखती हैं। कई जगहों पर कजरी तीज के अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव-पार्वती की आराधना वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की कामना से जुड़ी है।

इस वर्ष कजरी तीज 31 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के दर्शन-पूजन करते हैं। अगर आप भी कजरी तीज पर किसी प्रसिद्ध शिव धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो देश के इन पांच प्रमुख मंदिरों को अपनी यात्रा सूची में शामिल कर सकते हैं।

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1. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध धामों में शामिल है। यहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। कजरी तीज जैसे पर्व पर भी श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर दर्शन के साथ वाराणसी के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा भी की जा सकती है।

2. महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के प्रमुख तीर्थों में से एक है। यहां महाकाल की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। कजरी तीज पर शिव-पार्वती की पूजा करने वाले श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। उज्जैन यात्रा के दौरान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी किए जा सकते हैं।

3. सोमनाथ मंदिर, गुजरात

गुजरात के समुद्र तट पर स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला और समुद्र के खूबसूरत वातावरण के लिए भी प्रसिद्ध है। कजरी तीज के आसपास छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालु यहां शिव दर्शन के साथ गुजरात की यात्रा भी कर सकते हैं।

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4. बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भी भगवान शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और यहां सालभर बड़ी संख्या में शिव भक्त पहुंचते हैं। धार्मिक पर्वों के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कजरी तीज पर भी श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुंच सकते हैं।

5. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के प्रमुख धामों में शामिल है। कजरी तीज पर शिव आराधना के लिए यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हो सकता है। उज्जैन के महाकालेश्वर के साथ ओंकारेश्वर की यात्रा की योजना बनाकर श्रद्धालु एक ही यात्रा में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकते हैं।

कजरी तीज पर शिव-पार्वती पूजा का महत्व

कजरी तीज पर महिलाएं व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की कामना की जाती है। हालांकि अलग-अलग मंदिरों में पूजा की परंपराएं और व्यवस्थाएं अलग हो सकती हैं, इसलिए यात्रा से पहले संबंधित मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय और स्थानीय नियमों की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

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