रायपुर। भारतमाला परियोजना के बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी जयप्रकाश गांधी की 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल एवं अचल संपत्तियां अटैच (जब्त) कर ली हैं। जब्त की गई संपत्तियों में 4.69 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं। इसके साथ ही ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जयप्रकाश गांधी समेत 14 आरोपियों के खिलाफ रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए न्यायालय में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) भी दाखिल की है।

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, जयप्रकाश गांधी को 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि जयप्रकाश गांधी और उनके परिवार को वास्तविक पात्रता के अनुसार लगभग 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन कथित रूप से उन्हें 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त हुआ। इससे करीब 9.27 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित हुई।

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ईडी के अनुसार, इस अवैध राशि को कई स्तरों पर लेन-देन कर जमीन, मकान, शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इन निवेशों में परिवार के सदस्यों तथा उनसे जुड़ी फर्मों के नामों का उपयोग किया गया। एजेंसी को जांच के दौरान यह भी पता चला कि गांव नायकबांधा के विभिन्न खसरा नंबरों की जमीनों के अन्य मालिकों और लाभार्थियों को भी इसी तरह नियमों के विपरीत अत्यधिक मुआवजा दिया गया।

नोटिफिकेशन के बाद खरीदी गई जमीन

ईडी के मुताबिक, जमीन मालिकों, निजी व्यक्तियों, जमीन दलालों और राजस्व अधिकारियों ने कथित आपराधिक मिलीभगत कर 30 जनवरी 2020 को नेशनल हाईवे अधिनियम, 1956 की धारा 3-ए के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद जमीनों की खरीद-फरोख्त की। इसके बाद अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से जमीनों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया। परिवार के सदस्यों के नाम पर बिक्री विलेख (सेल डीड) और दान विलेख (गिफ्ट डीड) के जरिए जमीनों का हस्तांतरण भी किया गया।

अब तक 36.14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

ईडी इससे पहले 29 दिसंबर 2025 और 27 अप्रैल 2026 को भी इस मामले में तलाशी अभियान चला चुकी है। कार्रवाई के दौरान 49 लाख रुपये नकद और लगभग 37,133 ग्राम चांदी (अनुमानित कीमत 89.80 लाख रुपये) बरामद की गई थी। इसके अलावा जमीन दलाल सिंडिकेट से जुड़ी 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई थीं। एजेंसी ने 2 जून 2026 को हरमीत सिंह खन्जा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पहली अभियोजन शिकायत भी न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इस ताजा कार्रवाई के बाद मामले में अब तक 36.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।

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