रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को सदस्यता विंडो खुलते ही प्रदेश अध्यक्ष पद के 17 दावेदारों ने अपने समर्थकों के साथ सदस्यता अभियान शुरू कर दिया। अभियान के पहले ही दिन 50,181 नए सदस्य बनाए गए। करीब एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में सदस्यता का बढ़ता आंकड़ा अब प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों की ताकत और संगठनात्मक पहुंच का सबसे बड़ा संकेतक बनने जा रहा है।

सदस्यता के साथ ही पसंदीदा अध्यक्ष भी चुन रहे युवा

इस चुनाव की खास बात यह है कि सदस्य बनना और अपनी पसंद दर्ज करना एक ही प्रक्रिया का हिस्सा है। 18 से 35 वर्ष की उम्र के युवा WithIYC ऐप के जरिए सदस्यता लेते समय प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए अपनी पसंद भी दर्ज कर रहे हैं। ऐसे में जिस दावेदार के पक्ष में अधिक सदस्य अपनी प्राथमिकता दर्ज कराएंगे, उसकी शुरुआती दावेदारी मजबूत मानी जाएगी। हालांकि सर्वाधिक पसंद मिलना अध्यक्ष बनने की गारंटी नहीं है। ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस सदस्यता अभियान के दौरान उम्मीदवारों की संगठनात्मक सक्रियता, प्रदर्शन और निर्धारित मानकों का आकलन करेगी। इसके बाद प्रमुख दावेदारों के इंटरव्यू और अंतिम चयन की प्रक्रिया होगी।

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सिर्फ अध्यक्ष का चुनाव नहीं, पूरी संगठनात्मक ताकत का टेस्ट

यूथ कांग्रेस का यह चुनाव केवल प्रदेश अध्यक्ष चुनने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए ब्लॉक, विधानसभा, जिला और प्रदेश स्तर पर संगठन की नई टीम तैयार होगी। यही वजह है कि सदस्यता अभियान को दावेदारों के लिए शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। अगले एक महीने में यह स्पष्ट होगा कि किस उम्मीदवार की पकड़ कितने जिलों, विधानसभा क्षेत्रों और बूथों तक है और कौन जमीन पर मजबूत नेटवर्क खड़ा करने में सफल रहा।

डिजिटल सदस्यता, फोटो-वीडियो से होगा सत्यापन

इस बार पूरी सदस्यता प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है। युवा ऐप पर पंजीयन के साथ पहचान संबंधी जानकारी, लाइव फोटो, वीडियो सत्यापन और मोबाइल नंबर के ओटीपी सत्यापन जैसी प्रक्रिया पूरी करेंगे। सदस्यता शुल्क 75 रुपए निर्धारित किया गया है। अभियान पूरा होने के बाद सदस्यों की स्क्रूटनी और सत्यापन किया जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम सूची तैयार होगी।

17 दावेदारों के बीच शुरू हुई सदस्य बनाने की होड़

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 17 दावेदार मैदान में हैं। इनमें सत्येंद्र चेलक, शैलेंद्र बंजारे, विनोद कश्यप (भक्कू), भावेंद्र गंगोत्री, दीक्षा पांडे, जसमीत शर्मा (सोनू शर्मा), कपिल कांत नाग, मानव देशमुख, मृदुला भास्कर, परमीत बग्गा (हनी बग्गा), प्रशांत बोकड़े, प्रीतिका विश्वकर्मा, प्रीति वैष्णव, सागर बाघमारे, सजल चंद्राकर, शालिनी रामटेके और सोनिका पोर्ते शामिल हैं। अब इन सभी की नजर सदस्यता के आंकड़ों और अपने संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने पर है।

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सोशल मीडिया पर भी छिड़ा प्रचार अभियान

डिजिटल चुनाव होने के कारण सोशल मीडिया भी उम्मीदवारों की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है। दावेदार फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अपने परिचय, संगठन में किए गए काम और भविष्य की प्राथमिकताओं से जुड़े पोस्ट और वीडियो जारी कर रहे हैं। समर्थकों के जरिए इन पोस्ट को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है।

पांच जोन में बंटा संगठन, ऑनलाइन होगा मतदान

चुनाव संचालन को आसान बनाने के लिए प्रदेश को संगठनात्मक और संभागीय आधार पर पांच जोन में विभाजित किया गया है। सदस्यता, प्रत्याशियों की गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। ऑनलाइन सदस्यता के बाद मतदान भी डिजिटल माध्यम से होने की व्यवस्था है। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए जमीनी संगठन के साथ डिजिटल पहुंच बढ़ाना भी बड़ी चुनौती होगी।

अब एक महीने की सदस्यता बताएगी किसका कितना दम

पहले ही दिन 50 हजार से ज्यादा सदस्य बनने के बाद यूथ कांग्रेस का चुनाव रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में सदस्यता का आंकड़ा बढ़ने के साथ यह भी सामने आएगा कि 17 दावेदारों में किसकी पकड़ सबसे मजबूत है, किसका नेटवर्क सबसे बड़ा है और कौन बूथ स्तर तक युवाओं को जोड़ पा रहा है। अंतिम फैसला भले ही केवल सदस्यता संख्या के आधार पर न हो, लेकिन यह आंकड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में राजनीतिक समीकरणों को जरूर प्रभावित करेगा।

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