बिलासपुर। शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम पर नियंत्रण पाने के लिए यातायात पुलिस ट्रैफिक सिग्नलों के संचालन समय में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल अब सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इससे सुबह और देर रात तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही सिग्नलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी अधिक प्रभावी होगी।

वर्तमान में शहर के ट्रैफिक सिग्नल सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होते हैं। गर्मी के मौसम में तेज धूप के कारण शासन के निर्देश पर करीब डेढ़ महीने तक दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सिग्नल बंद रखे जाते हैं, ताकि वाहन चालकों को धूप में अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। इस वर्ष 26 जून से मानसून सक्रिय होने के बाद दोपहर में बंद रहने वाले सिग्नलों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया।

ये खबर भी पढ़ें…
निजी स्कूलों के शिक्षकों पर नई शर्त, 12वीं-पीजी अंग्रेजी माध्यम से होना जरूरी
निजी स्कूलों के शिक्षकों पर नई शर्त, 12वीं-पीजी अंग्रेजी माध्यम से होना जरूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के नए मान्यता एवं संबद्धता नियमों को लेकर निजी स्कूल संचालकों में असंतोष बढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सुबह और देर रात बढ़ रहे हादसे

यातायात पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में सुबह 6 से 9 बजे के बीच और रात 10 बजे के बाद सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान सड़कें अपेक्षाकृत खाली होने से कई चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे गंभीर हादसे होते हैं। कई मामलों में लोगों की जान भी गई है और अनेक घायल हुए हैं।

कैमरों की निगरानी होगी और प्रभावी

ये खबर भी पढ़ें…
हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, आबकारी कमिश्नर और अपर आयुक्त को अवमानना नोटिस
हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, आबकारी कमिश्नर और अपर आयुक्त को अवमानना नोटिस
बिलासपुर। हाईकोर्ट के आदेश का तय समय-सीमा में पालन नहीं करने के मामले में आबकारी विभाग के कमिश्नर पीएस एल्मा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सुबह 6 बजे से ही ट्रैफिक सिग्नलों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय हो जाएंगे। इससे रेड सिग्नल जंप, ओवरस्पीडिंग और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा।