रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ में जुलाई के शुरुआती 22 दिनों की अच्छी बारिश ने प्रदेश के बांधों में नई जान फूंक दी है। जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में औसत जलभराव 30 जून के 52 प्रतिशत से बढ़कर अब करीब 66 प्रतिशत पहुंच गया है। यानी महज 22 दिनों में जलस्तर में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सबसे बेहतर स्थिति बिलासपुर संभाग की रही है, जहां अधिकांश जलाशयों में तेजी से पानी बढ़ा है। मुंगेली जिले का मनियारी जलाशय 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि बिलासपुर का खारंग जलाशय 98.59 प्रतिशत जलभराव के साथ लगभग लबालब हो गया है। इसके अलावा घोंघा जलाशय भी पूरी क्षमता तक भर चुका है, जिससे किसानों और पेयजल आपूर्ति को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

ये खबर भी पढ़ें…
सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम-अरुण साव
सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम-अरुण साव
रायपुर. 22 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

हालांकि रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ प्रमुख जलाशयों में अभी भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो पाया है। धमतरी का रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय केवल 47 प्रतिशत तक ही भर पाया है। जुलाई के 22 दिनों में यहां जलस्तर में महज 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। गंगरेल से जुड़े लिंकिंग बांधों में भी जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है तो जलभराव में तेजी आ सकती है।

इसी तरह बालोद जिले का तांदुला जलाशय भी अभी अपेक्षाकृत कम भरा है। यहां जुलाई के दौरान जलस्तर में केवल लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

दो साल में सबसे बेहतर स्थिति

ये खबर भी पढ़ें…
नारायणपुर में घर बना अवैध हथियारों की फैक्ट्री, दो भाई गिरफ्तार
नारायणपुर में घर बना अवैध हथियारों की फैक्ट्री, दो भाई गिरफ्तार
नारायणपुर। जिले के कोहकामेटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के मामले में कार्रवाई करते हुए दो भाइयों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस वर्ष 22 जुलाई तक का जलभंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर है। वर्ष 2024 में इसी अवधि तक औसत जलभराव 37 प्रतिशत था, जबकि 2025 में यह 52 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस बार यह बढ़कर 66 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो मानसून की अच्छी शुरुआत का संकेत है।

कुछ जलाशयों की स्थिति अब भी चिंताजनक

राज्य के कुछ मध्यम और लघु जलाशयों में पानी की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है। राजनांदगांव जिले का मोंगरा बैराज अब भी पूरी तरह सूखा है और वहां जलभराव शून्य प्रतिशत है। वहीं कांकेर जिले के मायना जलाशय में केवल 5 प्रतिशत पानी है। विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर ही स्थिति में सुधार संभव होगा।

ये खबर भी पढ़ें…
डोल ग्यारस से संवत्सरी तक मांस-मटन पर रोक, जोन कमिश्नर करेंगे निगरानी
डोल ग्यारस से संवत्सरी तक मांस-मटन पर रोक, जोन कमिश्नर करेंगे निगरानी
रायपुर। धार्मिक पर्वों को देखते हुए रायपुर नगर निगम क्षेत्र में तीन निर्धारित तिथियों पर मांस-मटन की बिक्री और पशुवध...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.