रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं का सत्यापन किया जाएगा, साथ ही बिजली बिल और उपभोक्ता रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को भी सुधारा जा सकेगा। ई-केवाईसी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के जरिए स्वयं भी अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।

पॉवर कंपनी प्रबंधन के अनुसार, ई-केवाईसी की प्रक्रिया इस माह से शुरू हो गई है और इसे सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था आधार ऑथेंटिकेशन सर्विस से इंटीग्रेटेड है। ई-केवाईसी के दौरान ओटीपी के अलावा फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी उपभोक्ता का सत्यापन किया जा सकेगा।

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आधार की फोटोकॉपी जमा नहीं होगी

पॉवर कंपनी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ता के आधार कार्ड की फोटोकॉपी दस्तावेज के रूप में जमा नहीं की जाएगी। आधार कार्ड का अवलोकन करने और उसका नंबर मोबाइल ऐप में दर्ज करने के बाद आधार कार्ड उपभोक्ता को वापस करना अनिवार्य होगा।

आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन में दर्ज उपभोक्ता के नाम का शत-प्रतिशत मिलान होने पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। इसके बाद उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से इसकी सूचना भेजी जाएगी।

नाम में अंतर होने पर कराना होगा सुधार

जिन उपभोक्ताओं के आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम में अंतर है, उन्हें नाम में त्रुटि सुधार अथवा आवश्यकतानुसार नाम परिवर्तन कराना होगा।

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यदि केवल नाम की गलती सुधारनी है और कनेक्शन के मालिकाना हक में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, तो उपभोक्ता को प्रोसेसिंग शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, आवश्यक दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करने होंगे।

वहीं, नाम परिवर्तन के साथ यदि बिजली कनेक्शन के मालिकाना हक में भी बदलाव हो रहा है, तो निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क के साथ सभी जरूरी दस्तावेज कार्यालय में जमा कराने होंगे। पॉवर कंपनी ने बताया है कि नाम परिवर्तन से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी

1. मोर बिजली ऐप से:

उपभोक्ता स्वयं मोर बिजली ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकेंगे।

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2. वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में:

उपभोक्ता संबंधित वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय पहुंचकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। यहां अधिकृत कर्मचारी प्रकाश ऐप या प्रकाश ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करेंगे।

3. मीटर रीडर के माध्यम से:

संबंधित क्षेत्र का मीटर रीडर मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।

पूरी तरह नि:शुल्क है ई-केवाईसी

पॉवर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। यदि कोई व्यक्ति ई-केवाईसी के नाम पर उपभोक्ता से राशि की मांग करता है तो इसकी शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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ई-केवाईसी के लिए उपयोग किए जाने वाले फिंगरप्रिंट डिवाइस का यूआईडीएआई के मानकों के अनुरूप और आधार प्रमाणित होना अनिवार्य होगा। मैदानी स्तर पर ई-केवाईसी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पॉवर कंपनी ने एक वीडियो भी तैयार किया है, जिसके माध्यम से कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान किया जा सकेगा।