रायपुर, 15 जुलाई 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और स्थानीय संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। प्रदेश के बस्तर अंचल में इसका एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला है, जहां बस्तर जिला के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

 

ये खबर भी पढ़ें…
मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बन्दूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

 

ये खबर भी पढ़ें…
31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि
31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत चार जिलों में मुख्यमंत्री बिजली...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

श्रीमती चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया। इसी सहायता से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद है।

 

उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
सड़क पर बेसुध पड़ा था युवक, कार ने कुचला: गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में तोड़ा दम
सड़क पर बेसुध पड़ा था युवक, कार ने कुचला: गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में तोड़ा दम
शराब के नशे में सड़क पर सोना एक युवक को भारी पड़ गया। रात में सड़क पर बेसुध पड़े युवक...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

ये खबर भी पढ़ें…
मांगों को लेकर किसानों का शक्ति प्रदर्शन: हजारों किसान-ट्रैक्टर जिला मुख्यालय पहुंचे, प्रशासन अलर्ट
मांगों को लेकर किसानों का शक्ति प्रदर्शन: हजारों किसान-ट्रैक्टर जिला मुख्यालय पहुंचे, प्रशासन अलर्ट
कवर्धा। भारतीय किसान संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर कवर्धा में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.