रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। परीक्षा की निष्पक्षता और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दायर जनहित याचिका (PIL) पर शीर्ष अदालत 24 अगस्त, सोमवार को सुनवाई करेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता हरिशन देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर याचिका में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की गई है। याचिका में परीक्षा के संचालन और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन समेत पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

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याचिका में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से मामले की जांच कराने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

अब सभी की नजरें 24 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर हैं। शीर्ष अदालत की कार्यवाही के बाद JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 को लेकर आगे की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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