रायपुर, 24 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण, प्रशिक्षण और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इन अवसरों का लाभ उठाकर महिलाएं स्थानीय संसाधनों और अपनी मेहनत को आय के स्थायी साधन में बदल रही हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की श्रीमती माया विश्वास ऐसी ही प्रेरणादायक महिला हैं, जिन्होंने मक्का उत्पादन को अपनी आजीविका का आधार बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है।

समूह से जुड़कर शुरू हुआ आर्थिक बदलाव

ये खबर भी पढ़ें…
ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति
ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति
रायपुर. 25 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

माया विश्वास ‘काली माई’ स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत और ऋण की व्यवस्था के साथ अपनी आजीविका गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से चरणबद्ध तरीके से ऋण लेकर कृषि कार्य में निवेश किया और वर्तमान में 70 हजार रुपये के ऋण का उपयोग मक्का उत्पादन के लिए कर रही हैं।

माया बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और आय के सीमित साधनों के कारण घरेलू जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग मिला। छोटे-छोटे ऋणों का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपनी कृषि गतिविधियों का विस्तार किया।

मक्का उत्पादन बना आय का मजबूत आधार

ये खबर भी पढ़ें…
Self-Reliance and Smiles of Our Sisters Are Our Greatest Happiness: Chief Minister Vishnu Deo Sai
Self-Reliance and Smiles of Our Sisters Are Our Greatest Happiness: Chief Minister Vishnu Deo Sai
Raipur, August 25, 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on August 25 transferred more than Rs 631.38 crore as the...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मक्का की खेती से माया को परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। उनकी उपज की बिक्री के लिए उन्हें हमेशा बाजार तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। कई बार खरीदार सीधे उनके घर पहुंचकर मक्का खरीद लेते हैं। इससे उन्हें परिवहन खर्च और समय की बचत होती है तथा उत्पाद की बिक्री भी आसानी से हो जाती है।

माया का कहना है कि मक्का उत्पादन से होने वाली आमदनी परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है। कृषि को आय के साधन के रूप में विकसित करने से उनकी आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में उल्लेखनीय सुधार आया है।

ऋण से बढ़ा भरोसा, मेहनत से मिली पहचान

ये खबर भी पढ़ें…
CG भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट! प्रदेश अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष तक फेरबदल के संकेत
CG भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट! प्रदेश अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष तक फेरबदल के संकेत
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश अध्यक्ष...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

माया विश्वास बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से मिलने वाला ऋण उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का अवसर साबित हुआ। पहले जहां आर्थिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता रहती थी, वहीं आज वे स्वयं आय अर्जित कर परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।

समूह की सामूहिक शक्ति और आर्थिक सहयोग से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। इसी आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत का परिणाम है कि माया आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

ये खबर भी पढ़ें…
“I Have No Sister of My Own-Today, Madhuri Ji Filled That Void”: Chief Minister Vishnu Deo Sai Turns Emotional After Rakhi Ceremony
“I Have No Sister of My Own-Today, Madhuri Ji Filled That Void”: Chief Minister Vishnu Deo Sai Turns Emotional After Rakhi Ceremony
Raipur, August 25, 2026/Ahead of Raksha Bandhan, a deeply emotional moment reflecting sibling affection and respect for martyrdom unfolded at...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

माया विश्वास की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाओं को यदि सही मार्गदर्शन, आर्थिक सहयोग और अवसर मिले तो वे अपनी परिस्थितियों को बदलने में सक्षम हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि गतिविधि को नया विस्तार दिया और अब अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि समूह के साथ मिलकर काम करने से एक-दूसरे से सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। वे भविष्य में अपनी आजीविका गतिविधि को और विस्तार देने के लिए प्रयासरत हैं।

“बिहान ने हमें अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया”

माया विश्वास ने कहा कि ‘बिहान’ के माध्यम से स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिला। आज वे अपने परिवार की आय में योगदान दे रही हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य के लिए निर्णय ले रही हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

माया विश्वास की कहानी ग्रामीण महिलाओं के बदलते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की तस्वीर प्रस्तुत करती है। ‘बिहान’ के माध्यम से स्वयं सहायता समूह अब केवल बचत और ऋण का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार, आयवर्धन और आत्मनिर्भरता का मजबूत मंच बन रहे हैं। माया जैसी ‘लखपति दीदियां’ विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की प्रेरक मिसाल बन रही हैं।