नई दिल्ली, 6 जून 2026। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत बैंकिंग सेवाएं लगातार आधुनिक और आसान होती जा रही हैं। इसी कड़ी में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePSw) देशभर में वित्तीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस सुविधा की मदद से ग्राहक केवल आधार नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए नकद निकासी, बैलेंस जांच, फंड ट्रांसफर और अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में AePS बैंक शाखाओं और एटीएम पर निर्भरता कम कर रहा है। अब लोगों को छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। माइक्रो एटीएम और बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के माध्यम से गांवों में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
AePS का संचालन भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने वाली संस्था NPCI द्वारा किया जाता है। इस व्यवस्था में हर लेनदेन बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए होता है, जिससे सुरक्षा का स्तर भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि यह प्रणाली वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।
AePS के जरिए ग्राहक नकद निकासी, नकद जमा, बैलेंस इन्क्वायरी, मिनी स्टेटमेंट और एक खाते से दूसरे खाते में धन हस्तांतरण जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर का बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AePS ने बैंकिंग सेवाओं को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और आने वाले समय में इसकी उपयोगिता और बढ़ने की संभावना है।

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