छत्तीसगढ़ टाइम्स डॉट कॉम । रायपुर / जांजगीर-चांपा

ब्रांडेड व महंगी शराब में छत्तीसगढ़ के सरकारी प्रीमियम दुकान में मिलावट करने का मामला सामने आया है। मामले के पीछे सरकारी शराब दुकान के सुपरवाइजर समेत तीन कर्मचारियों के होने की पुष्टि हुई है। यह कर्मचारी महंगे शराब में पानी मिलते थे।  इन कर्मचारियों के खिलाफ अपराध कर्ज कर प्रकरण कोर्ट के सुपुर्द किया जाएगा। दरअसल पूरा मामला नैला के प्रिमियम अंग्रेजी शराब दुकान का है। 

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शराब में मिलावट को लेकर पिछले दिनों आबकारी विभाग को मुखबिर से शिकायत मिली थी। आबकारी अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए छापेमारी करने पहुंच गए। शराब की क्वालिटी मापने का यंत्र (हाईड्रोमीटर-थर्मामीटर) में क्वालिटी मापने पर शराब में मिलावट किए जाने की पुष्टि हुई।  

प्रकरण के खुलासे के बाद प्रकरण को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रिमियम अंग्रेजी शराब दुकान के सुपरवाइजर प्रीतम सिंह, सेल्समेन अनिल राठौर एवं सुधीर कहरा को सेवा से पृथक कर दिया गया है वही आबकारी अधिनियम की धारा 34-1 एवं धारा 38 के तहत जुर्म दर्ज किया है।

कैसे होती थी शराब में मिलावट

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जानकारों की माने तो अधिकांश महंगे व ब्रांडेड शराब की बोतल की सील ज्यादा मजबूत नहीं होती। जिसका फायदा उठाते हुए सरकारी शराब दुकान के कर्मचारी बोतल से शराब निकाल कर उसमें पानी मिलते थे और उसे फिर से हुबहू पैक कर देते थे। इस क्षेत्र में लगातार शिकायत आ रही थी कि महंगे शराब से भी नशा कम हो रहा है जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।