रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित पर्चा लीक और चयन अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री के तत्कालीन ओएसडी और वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी उनसे रिमांड पर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कथित आर्थिक लेन-देन और चयन प्रक्रिया में उनकी भूमिका से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच के दौरान ईडी अब उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर चेतन बोरघरिया तक रकम पहुंचने की बात सामने आई है। एजेंसी ने विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से अपर कलेक्टर तक कथित रूप से रकम पहुंचाने वाले अभ्यर्थियों सहित करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। इनके बयान दर्ज करने के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
झीरम केस में 13 साल बाद फैसला: 10 आरोपी दोषी, आज सजा पर सुनवाई
झीरम केस में 13 साल बाद फैसला: 10 आरोपी दोषी, आज सजा पर सुनवाई
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि पर्चा उपलब्ध कराने और चयन में मदद के नाम पर कथित तौर पर वसूले गए करीब 3.2 करोड़ रुपए में से कितनी रकम चेतन बोरघरिया तक पहुंची। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यदि रकम उनके पास पहुंची थी, तो उसे आगे किन लोगों तक भेजा गया। रकम के अंतिम प्रवाह को लेकर जांच अभी जारी है।

इससे पहले ईडी ने धमतरी स्थित चेतन बोरघरिया के पैतृक निवास पर छापेमारी कर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए थे। एजेंसी ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच आरोपियों और संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा चैट की भी जांच की है।

जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली कुछ चैट में कथित तौर पर पैसों के लेन-देन, पर्चा उपलब्ध कराने और साक्षात्कार में मदद से संबंधित बातचीत सामने आने की बात कही जा रही है। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
CG Braking: झीरम घाटी हत्याकांड: 13 साल बाद 10 दोषियों को फांसी, NIA कोर्ट का बड़ा फैसला
CG Braking: झीरम घाटी हत्याकांड: 13 साल बाद 10 दोषियों को फांसी, NIA कोर्ट का बड़ा फैसला
जगदलपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में करीब 13 साल बाद बड़ा फैसला आया है। जगदलपुर की विशेष...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ईडी विकास, अनिल और उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अभ्यर्थियों और प्रभावशाली लोगों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ और कथित रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया गया। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।