भारतीय वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पवित्र और शुभ प्रतीकों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें घर में स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये चिन्ह सुख-समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक माने जाते हैं। माना जाता है कि इन्हें उचित स्थान पर रखने से नकारात्मकता कम होती है और घर का वातावरण मंगलमय बना रहता है।

ॐ (ओम) ॐ को सृष्टि का आदि नाद और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह ‘अ’, ‘उ’ और ‘म’ तीन ध्वनियों से मिलकर बना है, जो क्रमशः भूः, भुवः और स्वः लोक का प्रतिनिधित्व करती हैं। घर में ॐ का चिन्ह लगाने से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है और मन में शांति व आस्था का भाव मजबूत होता है।

ये खबर भी पढ़ें…
फटे कपड़ों में थाने पहुंची नाबालिग, 5 युवकों पर लगाया गैंगरेप का आरोप; जांच में पलटा मामला
फटे कपड़ों में थाने पहुंची नाबालिग, 5 युवकों पर लगाया गैंगरेप का आरोप; जांच में पलटा मामला
बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को मोहरा बनाकर पांच युवकों के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत कराने का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पंचसूलक हल्दी से बनाई गई हाथ की छाप को पंचसूलक कहा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे मुख्य द्वार पर लगाने से नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं। यह घर में सुख, शांति, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

स्वस्तिक स्वस्तिक का अर्थ है—’शुभ हो’ और ‘कल्याण हो’। इसे सनातन संस्कृति में अत्यंत मंगलकारी प्रतीक माना गया है। मुख्य द्वार और उसके आसपास स्वस्तिक का चिन्ह बनाने से वास्तु दोष कम होने, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने और सुख-समृद्धि का वास होने की मान्यता है।

कमल कमल का फूल पवित्रता, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा का प्राकट्य कमल से हुआ और माता लक्ष्मी व माता सरस्वती का आसन भी कमल ही है। कीचड़ में खिलकर भी निर्मल रहने वाला कमल जीवन में पवित्रता और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है।

ये खबर भी पढ़ें…
सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम-अरुण साव
सेवा संकल्प अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम-अरुण साव
रायपुर. 22 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

त्रिशूल भगवान शिव का त्रिशूल शक्ति, सुरक्षा और संतुलन का प्रतीक है। मान्यता है कि यह दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों प्रकार के कष्टों के नाश का संकेत देता है। साथ ही यह भूत, वर्तमान और भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करता है। घर में त्रिशूल का शुभ चिन्ह लगाने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होने की धार्मिक मान्यता है।

नोट: ये सभी मान्यताएं भारतीय वास्तु शास्त्र और धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं। इनका वैज्ञानिक प्रमाण आवश्यक रूप से स्थापित नहीं है।

ये खबर भी पढ़ें…
नारायणपुर में घर बना अवैध हथियारों की फैक्ट्री, दो भाई गिरफ्तार
नारायणपुर में घर बना अवैध हथियारों की फैक्ट्री, दो भाई गिरफ्तार
नारायणपुर। जिले के कोहकामेटा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के मामले में कार्रवाई करते हुए दो भाइयों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.