बिलासपुर। डीपी विप्र लॉ कॉलेज में जूनियर छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद कैंपस में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र तुषार दुबे पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया। छात्र के इनकार करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और फिर घेरकर लात-घूंसों से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। छात्रों ने इसे रैगिंग के एंगल से भी जांचने की मांग की है।

प्रदर्शन में शामिल होने से मना किया तो घेरा

बताया जा रहा है कि महेश साहू, अखिलेश सहित करीब दर्जनभर युवकों ने छात्र तुषार दुबे को घेर लिया। आरोप है कि उससे कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा गया। तुषार ने प्रदर्शन में बैठने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और मारपीट शुरू कर दी गई। वायरल वीडियो में कुछ युवक छात्र के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

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कैंपस में पुराने छात्रों की मौजूदगी पर भी सवाल

मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। छात्रों का कहना है कि मारपीट की घटना में वर्तमान विद्यार्थियों के अलावा ऐसे युवक भी शामिल थे, जिन्होंने कई साल पहले कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है। आरोप है कि इसके बावजूद उनका कॉलेज कैंपस में आना-जाना और छात्रों की गतिविधियों में दखल जारी है। इससे कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

जूनियर छात्रों में डर, रैगिंग जांच की मांग

छात्रों का कहना है कि सीनियर छात्रों की भूमिका नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने की होनी चाहिए। किसी छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रदर्शन या किसी अन्य गतिविधि में शामिल होने के लिए मजबूर करना और विरोध करने पर मारपीट करना गंभीर मामला है। छात्रों ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच के साथ रैगिंग के पहलू को भी जांच में शामिल किया जाए।

कॉलेज कमेटी ने लिया सख्त कार्रवाई का फैसला

कॉलेज की प्राचार्य सुषमा तिवारी के अनुसार कुछ पुराने छात्र कक्षा चलने के दौरान अंदर पहुंचकर जूनियर छात्रों से इंट्रोडक्शन लेने लगे थे। शिक्षक द्वारा रोकने पर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया और छात्रों को जबरन प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा। इसी दौरान एक छात्र के मना करने पर उसके साथ मारपीट की घटना हुई। प्राचार्य ने बताया कि घटना के बाद कॉलेज कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसमें विवाद करने वाले पुराने छात्रों के कॉलेज परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मामले की जानकारी बार काउंसिल को भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया जाएगा।

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लिखित शिकायत मिलने पर FIR की कार्रवाई

सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि घटना कॉलेज परिसर की है। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की ओर से लिखित जानकारी मिलने के बाद मामले में FIR दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र के आवेदन पर कार्रवाई की बात कही है। पुलिस के अनुसार पूरी जानकारी और दस्तावेज मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल

जूनियर छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन और पुलिस दोनों सक्रिय हुए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि मारपीट में कौन-कौन शामिल थे, उनमें कितने वर्तमान छात्र हैं और क्या बाहरी अथवा पूर्व छात्र भी घटना में शामिल थे। साथ ही प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव बनाने की शिकायत को रैगिंग की श्रेणी में रखा जाता है या नहीं, यह भी जांच का अहम बिंदु होगा।

भीड़ ने महिला प्राचार्य से की बदसलूकी, शिक्षा जगत में नाराजगी

डीपी विप्र लॉ कॉलेज में छात्रों के विवाद के बीच महिला प्राचार्य के साथ कथित बदसलूकी का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन और विवाद के दौरान कॉलेज परिसर में मौजूद भीड़ ने प्राचार्य सुषमा तिवारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। शिक्षण संस्थान में जिम्मेदार पद पर कार्यरत महिला प्राचार्य के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने की घटना की शिक्षा जगत में निंदा हो रही है। शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी मांग या विरोध के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना अधिकार है, लेकिन शिक्षण संस्थान में अनुशासन और मर्यादा का पालन भी उतना ही जरूरी है। प्राचार्य के साथ कथित बदसलूकी और छात्रों के बीच मारपीट की घटना ने कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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