डेस्क/- 

भारत की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एकनाथ शिंदे के नाम की काफी चर्चा है। कुछ देर पहले ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे के नाम का ऐलान भी किया है। आखिर कौन है एकनाथ शिंदे और कैसे वे महाराष्ट्र की सियासत के केंद्र बिंदु बन गए ? जाने शिंदे की पूरी कहानी.. 

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ऑटो चलाते थे एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे का जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था. शिंदे ने अपने बचपन में काफी गरीबी देखी. जब वो 16 साल के थे तो उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक सहायता के लिए ऑटो रिक्शा चलाना शुरू किया. बताया जाता है कि 1980 के दशक में वो बाल ठाकरे के विचारों से काफी प्रभावित हुए. इसके बाद शिंदे, शिवसेना में शामिल हो गए. एकनाथ शिंदे साल 2004 में पहली बार विधायक चुने गए. बाल ठाकरे के निधन के बाद शिवसेना के बड़े नेताओं में शिंदे को गिना जाने लगा. लेकिन पिछले दो साल में शिंदे की जगह उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को ज्यादा तवज्जो दी जाने लगी, इस बात से एकनाथ शिंदे नाराज हो गए.

एक वह समय भी था जब शिंदे ने राजनीति छोड़ने का फैसला ले लिया था

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जान लें कि एकनाथ शिंदे को राजनीति में जाने की प्रेरणा तब के कद्दावर नेता आनंद दीघे से मिली. एकनाथ शिंदे पहले शिवसेना के शाखा प्रमुख बने और फिर बाद में वो ठाणे म्युनिसिपल के कॉर्पोरेटर बन गए. लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब वो निजी जीवन में बहुत दुखी हुए. उनका परिवार पूरी तरह बिखर गया था. 2 जून, 2000 को एकनाथ शिंदे के 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी शुभदा का निधन हो गया था. शिंदे अपने बच्चों के साथ सतारा गए थे. बोटिंग के दौरान एक्सीडेंट हो गया था. बेटा-बेटी की मौत के बाद शिंदे ने राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया था. इस बुरे दौर में शिंदे को आनंद दीघे ने सही राह दिखाई और राजनीति में बने रहने के लिए कहा

पहली बार ऐसे विधायक बने शिंदे

गौरतलब है कि 26 अगस्त 2001 को शिंदे के राजनीतिक गुरु आनंद दीघे का एक हादसे में निधन हो गया था. उनकी मौत को आज भी कई लोग हत्या मानते हैं. कहा जाता है कि दीघे के निधन से शिवसेना के लिए ठाणे में खालीपन आ गया था और पार्टी का वर्चस्व कम होने लगा था. फिर समय रहते शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को मौका दिया, उन्हें वहां की कमान सौंप दी. शिंदे शुरुआती दिनों से ही आनंद दीघे के साथ जुड़े हुए थे. ठाणे की जनता ने भी एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया और शिवसेना परचम लहरा.

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चार बार के विधायक है शिंदे

बता दें कि एकनाथ शिंदे साल 2004 में पहली बार विधायक चुने गए. फिर लगातार तीन बार साल 2009, 2014 और 2019 में जनता ने शिंदे को विधायक बनाया. साल 2014 में देवेंद्र फडणवीस सरकार में शिंदे PWD मंत्री बने. फिर उद्धव सरकार में भी शिंदे को मंत्री बनाया गया. अब शिंदे के नाम का ऐलान महाराष्ट्र के सीएम के तौर पर हो चुका है.

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