कांकेर। कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र में बुधवार को भालुओं के दो अलग-अलग हमलों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। इन घटनाओं में सगे भाई-बहन समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सबसे दर्दनाक घटना लारगांव में हुई, जहां एक मादा भालू ने भाई-बहन पर जानलेवा हमला करने के बाद घंटों तक उनके शवों के पास डेरा जमाए रखा। भय के कारण ग्रामीण शवों के करीब भी नहीं जा सके।

 

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने रायपुर से विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई। टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से मादा भालू को बेहोश कर पिंजरे में बंद किया। इसके बाद ही दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

 

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर लारगांव हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे स्थित बरपारा पहाड़ी क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 50 वर्षीय हलाल खोर जुरी मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठी मादा भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया।

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भाई की चीख-पुकार सुनकर उनकी दोनों बहनें चमरीन बाई जुरी और खोरीन बाई उन्हें बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में हलाल खोर जुरी और चमरीन बाई जुरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि खोरीन बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले मेडिकल कॉलेज कांकेर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया।

 

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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नरहरपुर वन परिक्षेत्र में भालुओं की गतिविधियां बढ़ने के कारण ग्रामीणों से जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की गई है। दोनों घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।