बिलासपुर। न्यायधानी में साइबर ठग अब वाहन चालकों को निशाना बनाने के लिए परिवहन विभाग के नाम पर फर्जी ई-चालान के संदेश भेज रहे हैं। मोबाइल पर SMS और व्हाट्सएप के जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर 1500 से 2500 रुपए तक का जुर्माना बकाया होने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही चालान देखने या उसका भुगतान करने के लिए लिंक भी भेजे जा रहे हैं। ऐसे संदेशों के जरिए लोगों को भ्रमित कर उनकी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।

बिलासपुर में सामने आए दो मामलों में युवकों को इस तरह के संदिग्ध संदेश मिले। हालांकि, दोनों ने परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने वाहनों का चालान चेक किया तो कोई बकाया चालान नहीं मिला। इसके बाद उन्हें संदेशों के फर्जी होने का संदेह हुआ। इन घटनाओं ने सरकारी विभागों के नाम का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की कोशिशों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को एक बार फिर उजागर किया है।

ये खबर भी पढ़ें…
बिलासपुर में पुरानी रंजिश पर बवाल: दुर्गा पंडाल के पास चार युवकों ने डंडे-बेल्ट से की मारपीट
बिलासपुर में पुरानी रंजिश पर बवाल: दुर्गा पंडाल के पास चार युवकों ने डंडे-बेल्ट से की मारपीट
बिलासपुर। शहर के दयालबंद क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। दुर्गा पंडाल के पास...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

व्हाट्सएप पर भेजा 2500 रुपए के चालान का संदेश

पहला मामला लिंगियाडीह क्षेत्र का है। यहां रहने वाले एक युवक के व्हाट्सएप पर 1 अक्टूबर को मोबाइल नंबर 8742902532 से संदेश आया। इसमें उसके वाहन पर 2500 रुपए का चालान लंबित होने का दावा किया गया था। संदेश के साथ चालान की जानकारी देखने के लिए एक लिंक भी भेजा गया।

युवक को संदेश की सत्यता पर संदेह हुआ। उसने ट्रूकॉलर पर नंबर की जांच की, जहां वह फ्रॉड के रूप में दिखाई दिया। इसके बाद युवक ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने वाहन का चालान चेक किया। वहां चालान की कोई जानकारी नहीं मिली और स्टेटस ‘चालान नॉट फाउंड’ दिखाई दिया। इससे युवक को आशंका हुई कि संदेश फर्जी है और इसके जरिए ठगी की कोशिश की जा सकती है।

सुबह 6:44 बजे आया 1500 रुपए के चालान का मैसेज

दूसरा मामला भारतीय नगर क्षेत्र का है। यहां रहने वाले एक युवक के मोबाइल पर 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 44 मिनट पर 8839290358 नंबर से टेक्स्ट मैसेज आया। इसमें यातायात नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर 1500 रुपए का चालान जारी होने की बात कही गई थी। वाहन नंबर और चालान की जानकारी देखने के नाम पर एक लिंक भी भेजा गया था। लिंक में मध्यप्रदेश परिवहन विभाग की वेबसाइट से मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल किया गया था।

ये खबर भी पढ़ें…
धुमाल में नाचने को लेकर भिड़े नाबालिग, कटर से हमला कर युवक को उतारा मौत के घाट
धुमाल में नाचने को लेकर भिड़े नाबालिग, कटर से हमला कर युवक को उतारा मौत के घाट
रायपुर। राजधानी रायपुर में दुर्गोत्सव के दौरान विवाद और हिंसा की दो घटनाएं सामने आई हैं। अमलीडीह के स्वर्ण जयंती...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

युवक ने सबसे पहले ट्रूकॉलर पर नंबर की जांच की। वहां यह नंबर विनायक सिंह के नाम से दिखाई दिया। इसके बाद उसने उस नंबर पर कॉल किया। फोन एक महिला ने उठाया और खुद को मध्यप्रदेश के सतना का निवासी बताया। बातचीत के बाद भी युवक को संदेश की प्रामाणिकता पर संदेह बना रहा।

उसने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने वाहन का नंबर डालकर चालान की स्थिति जांची। वहां भी ‘चालान नॉट फाउंड’ दिखाई दिया। इसके बाद युवक को संदेश के संदिग्ध होने का अंदेशा हुआ।

सरकारी विभाग के नाम से लोगों को कर रहे भ्रमित

दोनों मामलों में चालान की राशि अलग-अलग थी, लेकिन संदेश भेजने का तरीका लगभग एक जैसा था। वाहन चालकों को चालान लंबित होने की सूचना देकर लिंक पर क्लिक करने और भुगतान करने के लिए प्रेरित किया गया। परिवहन विभाग या सरकारी सेवा से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल होने से लोग ऐसे संदेशों को वास्तविक समझ सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
पुलिस आरक्षक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, चेहरे पर चोट के निशान; जांच में जुटी पुलिस
पुलिस आरक्षक की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, चेहरे पर चोट के निशान; जांच में जुटी पुलिस
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस आरक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ पर फांसी से लटका मिलने से...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

साइबर ठग फर्जी वेबसाइट या संदिग्ध लिंक के जरिए लोगों से बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ओटीपी और यूपीआई पिन जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ मामलों में संदिग्ध फाइल डाउनलोड कराने या भुगतान के बहाने भी ठगी की जाती है।

हालांकि, बिलासपुर के इन दोनों मामलों में लिंक पर क्लिक करने या बैंक खाते से रकम निकलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें फर्जी चालान के जरिए ठगी की आशंका से जुड़े मामले के रूप में देखा जाना चाहिए।

साइबर एक्सपर्ट की सलाह: अनजान लिंक से रहें दूर

बिलासपुर पुलिस के साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी के अनुसार, वाहन चालकों को ई-चालान का संदेश मिलने पर उसमें दिए गए लिंक पर सीधे क्लिक करने से बचना चाहिए। चालान की पुष्टि के लिए परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें और वेबसाइट का पता स्वयं दर्ज करके खोलें।

ये खबर भी पढ़ें…
स्कूल का पूर्व प्रिंसिपल चोरी के गिरोह में शामिल, 6 लाख के जेवर और तीन वाहन जब्त
स्कूल का पूर्व प्रिंसिपल चोरी के गिरोह में शामिल, 6 लाख के जेवर और तीन वाहन जब्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ग्रामीण इलाकों के सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

किसी अनजान लिंक पर बैंक खाते की जानकारी, कार्ड डिटेल, ओटीपी या यूपीआई पिन साझा न करें। संदिग्ध संदेश के साथ आई फाइल डाउनलोड करने से भी बचें। केवल ट्रूकॉलर पर दिखाई देने वाले नाम या पहचान के आधार पर किसी नंबर अथवा संदेश को सही नहीं मानना चाहिए। उसकी पुष्टि आधिकारिक माध्यम से ही करें।

ध्यान रखें: अगर गलती से संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया है या आर्थिक ठगी हो गई है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।