रायपुर, 29 अक्टूबर 2026/ दीपावली से पहले बस्तर संभाग के दूरस्थ, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। बस्तर की 485 बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपए की लागत के 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान के साथ विकास की गति को तेज करने तथा दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के राज्य सरकार के प्रयासों को केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा बस्तर संभाग की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों की आवश्यकताओं तथा सड़क एवं पुल संपर्क के विस्तार को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र के माध्यम से इन क्षेत्रों के लिए विशेष पहल करने के लिए आग्रह किया था, जिसपर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र द्वारा सकारात्मक रुख प्रदान किया है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने अपने पत्र में बस्तर में सड़क संपर्क विस्तार की प्रगति, स्वीकृत कार्यों, प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों तथा विशेष छूट के संबंध में की जा रही कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी है।

ये खबर भी पढ़ें…
बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें-सचिव भीम सिंह
बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें-सचिव भीम सिंह
रायपुर, 30 अक्टूबर 2026/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (सीजीआरडीए) के मुख्य...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर के विकास के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकासमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बस्तर की 1,168 बसाहटों में सड़क संपर्क के लिए विभिन्न चरणों में कार्यवाही

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि वर्तमान में बस्तर संभाग की 1,168 बसाहटों से संबंधित सड़क कार्य विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। इनमें से 485 बसाहटों के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के बैच-2 के अंतर्गत 280 बसाहटों को जोड़ने के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत 804.06 करोड़ रुपए है। वहीं लगभग 474 अन्य चिन्हांकित बसाहटों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए जा रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च के साथ बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत कर रही महिलाएं
छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च के साथ बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत कर रही महिलाएं
रायपुर, 30 अक्टूबर 2026/ प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के प्रथम बैच में बस्तर संभाग की 234 बसाहटों के सड़क कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें बस्तर जिले की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोण्डागांव की 34 तथा सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं।

754 और बसाहटों तक पहुंचेगी बारहमासी सड़क, सातों जिलों में प्रस्ताव तैयार

पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे बैच में बस्तर जिले की 114, बीजापुर की 125, दंतेवाड़ा की 63, कांकेर की 140, कोण्डागांव की 31, नारायणपुर की 136 और सुकमा की 146 बसाहटों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके लिए ग्रामीण सड़क सर्वे ऐप द्वारा सर्वे के साथ गति शक्ति योजना के साथ जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। इन प्रस्तावित सड़कों के निर्माण से विशेष रूप से अंदरूनी वनांचल क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा। ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, बाजारों और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही कृषि उपज के परिवहन, स्थानीय व्यापार और ग्रामीण आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति
किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति
रायपुर, 30 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पुल निर्माण को भी मिलेगी गति, 373 पुलों के प्रस्तावों पर हुई चर्चा

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में बताया है कि पीएमजी एसवाई-4 के बैच-1 के अंतर्गत 206 पुलों तथा पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत 167 पुलों के प्रस्तावों पर विचार करने के लिए अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के लिए 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आगामी चरणों के लिए भी पुल निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। नारायणपुर जैसे दुर्गम जिले में पीएम-जनमन के अंतर्गत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 87.45 करोड़ रुपए है। इन पुलों के निर्माण से वर्षा ऋतु में नदी-नालों के कारण कट जाने वाले गांवों को बड़ी राहत मिलेगी तथा दूरस्थ बसाहटों के लिए आवागमन सुगम हो सकेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
अंबिकापुर-रायपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित कार खंभे से टकराई; चालक की मौत
अंबिकापुर-रायपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित कार खंभे से टकराई; चालक की मौत
बिलासपुर। बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रतनपुर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में बिहार निवासी ट्रांसपोर्टर की मौत हो गई।...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नक्सलमुक्त गांवों के लिए विशेष छूट के लिए पहल

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर संभाग की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों की ओर पत्र द्वारा केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। बस्तर के घने जंगलों और दूर-दूर तक फैली छोटी बसाहटों में अनेक ऐसे गांव हैं, जिनकी जनसंख्या 100 से भी कम है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रचलित जनसंख्या संबंधी मापदंडों के कारण ये गांव बारहमासी सड़क संपर्क की पात्रता से वंचित रह जाते हैं। उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों में विकास कार्यों को तेज गति से पहुंचाने के लिए विशेष छूट प्रदान करने का अनुरोध किया था। इसमें निर्धारित क्लस्टर की जनसंख्या गणना में छूट तथा 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित छोटी-छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृति देने की आवश्यकता को रेखांकित किया था।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया है कि बस्तर संभाग की शेष पात्र बसाहटों की पहचान और उनकी सड़क संपर्क आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण (जीएसएस) ऐप के माध्यम से चार माह के लिए सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण और विशेष छूट संबंधी अनुरोध पर परीक्षण कर प्राप्त तथ्यों एवं लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा सकेगा।

नक्सलवाद से मुक्ति के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा बस्तर – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के साथ अब विकास की नई संभावनाएं तेजी से आकार ले रही हैं। हमारी प्राथमिकता है कि जिन गांवों में वर्षों तक भय और असुरक्षा का वातावरण रहा, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और रोजगार की सुविधाएं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सड़क केवल दो स्थानों को जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार है। गांव तक पक्की सड़क पहुंचने से बच्चों को विद्यालय जाने, मरीजों को समय पर उपचार प्राप्त करने तथा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है। इसके साथ ही शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर रहने वाले परिवारों तक पहुंचाना आसान होता है। इसीलिए बस्तर की छोटी और दुर्गम बसाहटों के लिए विशेष छूट का अनुरोध इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि कोई भी गांव केवल कम जनसंख्या या कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क संपर्क से वंचित न रह जाए।

बस्तर के विकास में सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर संभाग में सड़क एवं पुल निर्माण के प्रस्तावों पर केंद्र सरकार द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना तथा विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण और आगे की कार्यवाही की जानकारी देना महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई राह खुल रही है। हमारी सरकार का संकल्प है कि नक्सलवाद से मुक्त होने वाले प्रत्येक गांव तक विकास की रोशनी पहुंचे। जहां कभी आवागमन कठिन था, वहां अब सड़कें बनेंगी, पुलों से दूरियां कम होंगी और ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से बस्तर संभाग के शेष पात्र गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से सड़क संपर्क से जोड़ा जा सकेगा और बस्तर को सबसे विकसित जनजातीय संभाग बनाएंगे।