जगदलपुर। इंद्रावती नदी में आए जबरदस्त उफान ने बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। बारिश के कारण नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि 500 मीटर चौड़े जलप्रपात से पानी का विशाल प्रवाह नीचे गिर रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार इस समय करीब 2000 क्यूमेक्स यानी लगभग 20 लाख लीटर पानी प्रति सेकंड जलप्रपात से नीचे आ रहा है। इस हिसाब से हर मिनट करीब 12 करोड़ लीटर पानी चट्टानों से टकराते हुए आगे बढ़ रहा है। सामान्य दिनों में अपनी करीब 150 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला चित्रकोट इन दिनों जलस्तर बढ़ने के कारण पूरी तरह अलग नजर आ रहा है।

नदी का पानी प्रपात के ऊपरी हिस्से तक भर जाने से इसकी वास्तविक 150 फीट ऊंचाई दिखाई नहीं दे रही और पानी अब करीब 7 फीट की ऊंचाई से ही छलांग लगाता नजर आ रहा है। तेज बहाव और गर्जना के बीच चित्रकोट का यह रौद्र रूप लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, हालांकि तेज जलप्रवाह के कारण आसपास सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी जरूरी है।

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सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा जलप्रवाह

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता वेद पांडे के अनुसार बारिश के मौसम में चित्रकोट जलप्रपात का जलप्रवाह करीब 2000 क्यूमेक्स तक पहुंच जाता है, जबकि गैर-बारिश के दिनों में यह सामान्यतः 50 से 500 क्यूमेक्स के बीच रहता है। यानी मानसून के दौरान यहां पानी का प्रवाह सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। इंद्रावती के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ चित्रकोट का स्वरूप भी लगातार बदलता रहता है और तेज बहाव के दौरान पूरा जलप्रपात एक विशाल जलधारा में तब्दील दिखाई देता है।